वीडियो ब्लॉगर्स और वीलॉगर्स द्वारा नुकसानदेह भोज पदार्थ का प्रमोशन उनकी बिक्री को बढ़ा रहा है। लेकिन इन सब के बीच सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे भोजन का सेवन बच्चों के बीच बढ़ता जा रहा है। यह बात एक अध्ययन में सामने आई है। ब्रिटेन की लिवरपूल यूनिवर्सिटी ने अपने अध्ययन में पाया कि आजकल डिजिटल प्लेटफार्म और सोशल मीडिया पर वीलॉगर्स बच्चों को ध्यान में रखकर अस्वास्थ्यकर भोजन का प्रचार करते हैं। अब तक इस प्रचार के नतीजों का किसी को पता नहीं था, लेकिन अध्ययन में पाया गया कि इससे बच्चों में अस्वास्थ्यकर भोजन की खपत बढ़ रही है।
जर्नल पेडियाट्रिक्स में प्रकाशित अध्ययन में वीलॉगर्स और इंस्टाग्राम पेजों के जरिए बच्चों के स्नैक सेवन (स्वस्थ और अस्वास्थ्यकर) के सोशल मीडिया मार्केटिंग के प्रभाव की जांच की गई। यह अध्ययन 9 से 11 वर्ष की आयु के 176 बच्चों को अलग-अलग समूहों में बांटकर किया गया। अध्ययन में कहा गया है कि अस्वास्थ्यकारक खाद्य पदार्थों की डिजीटल मार्केटिंग में सख्त रोक लगाने की जरूरत है।