ट्रंप ने सीरिया से अपने सैनिक हटाने की घोषणा की थी
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ही सीरिया से अमेरिकी सैनिक हटाने की घोषणा की थी। अमरीकी सेनाएं कुर्दिश मिलिशिया के साथ कई वर्षों से काम कर रही थीं जिन्हें वाईपीजी के नाम से जाना जाता है और तुर्की उन्हें आतंकवादी मानता है।
यूनीसेफ की डायरेक्टर हेनरिएटा फोर ने कहा, 'सैन्य तनाव बढ़ने से उन लोगों और एजेंसियों की क्षमता पर गहरा असर पड़ेगा जो नाजुक हालात में जीने को मजबूर हजारों बच्चों तक सहायता पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा।'
सैन्य गतिविधियां बढ़ने से बढ़ेंगे असुरक्षा के हालात
सीरिया में लगभग आठ साल से चले रहे युद्ध के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की जांच करने वाले स्वतंत्र जांच आयोग का कहना है कि इससे भी ज्यादा फिक्र की बात ये है कि सैन्य गतिविधियां बढ़ने से असुरक्षा और अफरातफरी के हालात बढ़ेंगे।
इससे आईएसआईएस या आईसिल (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लैवेंट) और दाएश जैसे अतिवादी गुटों के फिर से सक्रिय हो जाने के हालात पैदा हो सकते हैं। जांच आयोग का कहना था, 'सीरिया को लोगों को अब अगर सबसे कम किसी चीज की जरूरत है तो वो है हिंसा का कोई नया दौर।'
आयोग ने कहा कि पहले से विस्थापित लगभग एक लाख लोगों के कोई तार आईसिल लड़ाकों से जुड़े पाए गए थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। अब ये लोग अस्थाई शिविरों में रहने को मजबूर हैं. उन्हें बहुत कम सुविधाएं हासिल हैं और महिलाओं और बच्चों के लिए संवेदनशील पुनर्वास कार्यक्रमों के अभाव में उनका चरमपंथियों के चंगुल में फंस जाने का भी खतरा है।