जानकारी के मुताबिक, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मार्च 2023 तक तीन महीनों में मूल वेतन में वृद्धि 6.7 फीसदी दर्ज की गई है, जो फरवरी तक तीन महीनों में 6.6 फीसदी की तुलना में थोड़ी ज्यादा है।
ब्रिटेन में मार्च तक तीन महीनों में बेरोजगारी दर अप्रत्याशित रूप से बढ़कर 3.9% पर पहुंच गई। इसका सीधा मतलब है कि अधिक से अधिक लोग जॉब मार्केट में आने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, मुद्रास्फीति दबाव को लेकर बैंक ऑफ इंग्लैंड की चिंताएं घटने लगी हैं।
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रॉयटर्स पोल में अर्थशास्त्रियों ने यह दर 3.8% पर बने रहने की उम्मीद जताई थी। बैंक ऑफ इंग्लैंड की तरफ से अगले जून में प्रस्तावित बैठक में ब्याज दरें फिलहाल और न बढ़ाने की संभावनाओं को देखते हुए, निवेशकों के अपने रुख पर पुनर्विचार किया। इस कारण अमेरिकी डॉलर और यूरो के मुकाबले स्टर्लिंग में गिरावट देखने को मिली है।
डाटा दर्शाता है कि अप्रैल तक तीन महीनों में कुल रिक्तियों में लगातार दसवीं बार गिरावट दर्ज की गई है, जो 2021 मध्य के बाद से सबसे कम है। हालांकि, ऐतिहासिक मानकों के लिहाज से वेतन में वृद्धि मजबूत रही है और बैंक ऑफ इंग्लैंड की तरफ से ब्याज दरों को और बढ़ाने या न बढ़ाने को लेकर जारी बहस पूरी तरह इसी पर केंद्रित है।
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मूल वेतन में वृद्धि का रुख
जानकारी के मुताबिक, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में मार्च 2023 तक तीन महीनों में मूल वेतन में वृद्धि 6.7 फीसदी दर्ज की गई है, जो फरवरी तक तीन महीनों में 6.6 फीसदी की तुलना में थोड़ी ज्यादा है। हालांकि, रायटर्स पोल में अर्थशास्त्रियों ने मूल वेतन में 6.8 फीसदी की मजबूत वृद्धि की संभावना जताई थी। यह वेतन वृद्धि खासकर सार्वजनिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों का वेतन बढ़ने पर केंद्रित है।