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Haiti Gang Violence: हैती में हिंसा के दौरान मारे गए 530 से अधिक लोग, यूएन बोला- हालात नियंत्रण से बाहर

Tue, 21 Mar 2023 09:36 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जेनेवा

सार

मानवाधिकार के संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त का कार्यालय के बयान के अनुसार, जनवरी से 15 मार्च तक कुल 531 लोग मारे गए, 300 घायल हुए और 277 लोगों का अपहरण गिरोह से जुड़ी घटनाओं में हुआ
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Haiti gang violence - फोटो : ANI
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विस्तार
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हैती में उग्र हिंसा से हालात खराब हैं, मानवाधिकार के उच्चायुक्त के कार्यालय ने कहा कि अब तक सामूहिक हिंसा में 530 से अधिक लोग मारे गए हैं। मानवाधिकार के संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त का कार्यालय के बयान के अनुसार, जनवरी से 15 मार्च तक कुल 531 लोग मारे गए, 300 घायल हुए और 277 लोगों का अपहरण गिरोह से जुड़ी घटनाओं में हुआ और यह घटनाएं मुख्य रूप से राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस में हुई।

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हैती गैंग हिंसा पर, मानवाधिकार के उच्चायुक्त के कार्यालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र हैती में चरम हिंसा के नियंत्रण से बाहर होने को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं। गिरोहों के बीच संघर्ष अधिक हिंसक और अधिक लगातार होते जा रहे हैं। गिरोह प्रतिद्वंद्वियों द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लक्षित करके पूरे राजधानी और अन्य क्षेत्रों में अपने क्षेत्रीय नियंत्रण का विस्तार करने का प्रयास करते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक अकेले मार्च के पहले दो हफ्तों में, गिरोहों के बीच झड़पों में कम से कम 208 मारे गए, 164 घायल हुए और 101 का अपहरण कर लिया गया। अधिकांश पीड़ितों को स्निपर्स द्वारा मारा गया और घायल कर दिया गया। उन्होंने लोगों के घरों और सड़कों पर बेतरतीब ढंग से गोलीयां चलाई। महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ गिरोह द्वारा यौन हिंसा का इस्तेमाल आबादी को आतंकित करने, अधीन करने और दंडित करने के लिए भी किया जाता है। गिरोह के सदस्य अक्सर अपहृत लड़कियों के खिलाफ यौन हिंसा का इस्तेमाल परिवारों पर फिरौती देने के लिए दबाव डालने के लिए करते हैं।
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प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी स्थिति के कारण लोग पलायन कर रहे हैं। मार्च 2023 के मध्य तक, कम से कम 160,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं और एक अनिश्चित स्थिति में हैं, दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ रह रहे हैं और अल्प संसाधनों को साझा करना पड़ रहा है। विस्थापितों में से एक चौथाई अस्थायी बस्तियों में रहते हैं, जिन्हें पीने के पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सेवाओं तक बहुत सीमित पहुंच है।

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