संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष
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संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक अगले हफ्ते भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगी। यह जानकारी उनकी प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स ने दी। प्रवक्ता ला नीस कॉलिन्स ने बताया कि भारत सरकार के निमंत्रण पर अपनी इस यात्रा के दौरान, बेयरबॉक भारतीय अधिकारियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगी। वह भारत में संयुक्त राष्ट्र की टीम से भी मिलेंगी, जिसका नेतृत्व रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर कर रहे हैं।
पहले भी कर चुकी हैं भारत का दौरा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के फरवरी में नई दिल्ली में 'एआई इम्पैक्ट समिट' में शामिल होने के बाद यह भारत में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों की दूसरी उच्च-स्तरीय यात्रा है। बेयरबॉक पहले भी भारत की यात्रा कर चुकी हैं। जर्मनी की विदेश मंत्री के तौर पर अपनी एक यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने की वकालत की थी। उस दौरान उन्होंने दिल्ली मेट्रो में भी सफर किया था। हालांकि, महासभा की अध्यक्ष के तौर पर यह एनालेना बेयरबॉक की पहली भारत यात्रा है। भारत के बाद बेयरबॉक चीन की यात्रा पर जाएंगी।
भारत के विकास की मुरीद हैं बेयरबॉक
2022 में मंत्री के तौर पर अपनी पहली भारत यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था, 'चाहे वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र हो या उससे बाहर, इसमें कोई शक नहीं कि 21वीं सदी की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने में भारत एक अहम भूमिका निभाएगा।' उन्होंने आगे कहा कि भारत ने 15 वर्षों में 40 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, जो यह दिखाता है कि एक बहुलवादी समाज, स्वतंत्रता और लोकतंत्र ही आर्थिक विकास, शांति और स्थिरता के वाहक हैं। उस यात्रा के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र चर्चा का मुख्य विषय रहा था। उन्होंने कुशल कर्मियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 'प्रवासन और गतिशीलता समझौते' पर हस्ताक्षर किए थे।
बेयरबॉक साल 2024 में जर्मनी-भारत के बीच सातवें अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) के लिए भारत आए चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ भी आईं थीं। जर्मनी जी-4 का सदस्य है। इस समूह में भारत के अलावा ब्राजील और जापान भी शामिल हैं। यह समूह सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों को शामिल करके उसमें सुधार करने की वकालत करता है। ये चारों देश सुरक्षा परिषद में बदलाव स्थायी सीटों के लिए एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।