यूक्रेन संकट को लेकर बुलाए गए संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के विशेष सत्र में चीन ने परमाणु युद्ध को लेकर आगाह किय। चीन ने कहा कि यूक्रेन संकट अभी भी बढ़ रहा है। हम इससे बहुत चिंतित हैं। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, परमाणु युद्ध नहीं लड़ा जा सकता।
यूक्रेन पर संयुक्त राष्ट्र के 11वें आपातकालीन विशेष सत्र को संबोधित करते हुए यूएन में चीन के उप राजदूत दाई बिंग ने पश्चिम देशों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यूक्रेन को हथियार भेजने से शांति नहीं आएगी। यह आग में घी डालने जैसा है और इससे केवल तनाव बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि संघर्ष को लंबा खींचने से आम लोगों को और भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
चीनी राजदूत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को रूस-यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की पहल करनी चाहिए। हम एक बार फिर दोहराते हैं कि कूटनीति और बातचीत से ही संकट का समाधान किया जा सकता है। यूक्रेन संकट पर इससे मुंह मोड़ नहीं सकते हैं। चीन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आग की लपटों से खेलने और स्वार्थ की तलाश करने के बजाय शांति वार्ता के लिए परिस्थितियां बनानी चाहिए।
एकतरफा प्रतिबंधों को रोका जाना चाहिए...
दाई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि अपने स्वार्थ साधने के बजाय उन्हें एकतरफा प्रतिबंधों और अधिकार क्षेत्र का दुरुपयोग करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बजाय अंतरराष्ट्रीय समुदाय को युद्ध खत्म कराने के लिए अनुकूल तरीके पर काम करना चाहिए।
मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से मुलाकात के बाद चीनी उप राजदूत की यह टिप्पणी आई है। पुतिन ने घोषणा की है कि रूस न्यू START (New Strategic Arms Reduction Treaty) में भागीदारी को निलंबित कर रहा है, जो रूस की अमेरिका के साथ एकमात्र शेष प्रमुख परमाणु हथियार नियंत्रण संधि है। साथ ही पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के लिए पश्चिम देशों को दोषी ठहराने की मांग की है।
रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, रूस की फेडरेशन काउंसिल (संसद का ऊपरी सदन) ने सर्वसम्मति से न्यू स्ट्रेटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी (New START) को निलंबित करने पर एक बिल पारित किया। रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा पेश किए जाने के बाद बुधवार को इस विधेयक को संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा में पारित कर दिया गया। TASS के अनुसार, न्यू स्टार्ट में रूस की भागीदारी को बहाल करने का निर्णय केवल पुतिन ही कर सकते हैं।
वार्ता ही यूक्रेन संकट को हल करने का एकमात्र व्यवहार्य तरीका
संयुक्त राष्ट्र में चीन के उप राजदूत ने कहा कि यूक्रेन संकट पर शांति वार्ता अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता होनी चाहिए। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में चीन की टिप्पणियों का बखान करते हुए दाई ने कहा कि चीन को खेद है कि कीव और मॉस्को के बीच शुरुआती वार्ता ठप हो गई है। दाई ने कहा कि बातचीत और वार्ता यूक्रेन संकट को हल करने का एकमात्र व्यवहार्य तरीका है।