संयुक्त राष्ट्र बांग्लादेश के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे और देश छोड़ने के बाद इस एशियाई देश पर लगातार नजर बनाए हुए है।
संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि हम बांग्लादेश में शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हैं।
हक ने कहा, "हम शांति और संयम का आह्वान करते हैं। सभी पक्षों से शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति के अधिकार का सम्मान करने का आग्रह करते हैं।" उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा बलों से ढाका और बांग्लादेश के अन्य शहरों की सड़कों पर लोगों की सुरक्षा करने की अपील करता है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से बयान जारी करते हुए फहरान ने कहा, ‘हम इस समय बांग्लादेश के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं और हम उनके लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों के लिए पूर्ण सम्मान का आह्वान करते हैं। अभी तक देश में जो हिंसा हुई है, उसके लिए पूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जरूरत है।"
300 लोग मारे गए
हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में सत्तारूढ़ अवामी लीग के समर्थकों के बीच रविवार को झड़पें हुईं। कुछ दिन पहले भी पुलिस और ज्यादातर छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे। एक पखवाड़े में यहां कम से कम 300 लोग मारे गए हैं।
क्या है मामला?
प्रदर्शनकारी विवादास्पद आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वालों के रिश्तेदारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था।
'शेख हसीना राजनीति में वापसी नहीं करेंगी'
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना राजनीति में वापसी नहीं करेंगी। उनके बेटे और पूर्व आधिकारिक सलाहकार साजिब वाजेद जॉय ने सोमवार को यह दावा किया। उन्होंने कहा कि शेख हसीना ने अपने परिवार के आग्रह पर और अपनी सुरक्षा के लिए देश छोड़ा है। 76 वर्षीय हसीना ने अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच इस्तीफा दे दिया और सुरक्षित स्थान के लिए रवाना हो गईं।