विश्व निकाय ने विस्थापित और सुविधाओं से वंचित कश्मीरी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए काम करने वाले अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन (एनजीओ) ‘हेमअथ इंक’ को विशेष सलाहकार के रूप में मान्यता दी है। इस दर्जे से संगठन संयुक्त राष्ट्र के साथ सक्रिय रूप से जुड़ सकेगा और महिला सशक्तीकरण की वह आवाज वैश्विक मंच पर उठा सकेगा, जिनकी बात अक्सर अनसुनी रह जाती है।
हेमअथ इंक को संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) में विशेष सलाहकार का दर्जा दिया गया है। यह परिषद संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है और सतत विकास के आर्थिक, सामाजिक तथा पर्यावरणीय पहलुओं को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। हेमअथ इंक की संस्थापक और अध्यक्ष डॉ. शकुन मलिक ने कहा, संयुक्त राष्ट्र से मिली यह विशिष्ट मान्यता संगठन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हेमअथ को विशेष सलाहकार के दर्जे का प्रस्ताव रखा गया है।
वैश्विक संवाद में सम्मान
अमेरिका की प्रतिष्ठित कैंसर रोग विशेषज्ञ और समाजसेवी डॉ. शकुन मलिक ने कहा, विस्थापित कश्मीरी महिलाओं के लिए जमीनी स्तर पर शुरू की गई पहल अब महिला सशक्तीकरण, सतत विकास और सामाजिक समावेशन पर वैश्विक संवाद में योगदान देने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नागरिक संगठन के रूप में उभरी है। ईसीओएसओसी में विशेष सलाहकार का दर्जा मिलना बहुत सम्मान की बात है।
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बैठकों में भाग लेेगा हेमअथ
यूएन के अनुसार, सलाहकार का दर्जा मिलने के बाद कोई संगठन आर्थिक एवं सामाजिक परिषद और उसके अधीनस्थ निकायों, मानवाधिकार परिषद तथा कुछ विशेष परिस्थितियों में महासभा और अन्य अंतर-सरकारी निकायों की बैठकों एवं संयुक्त राष्ट्र सचिवालय से जुड़ सकता है। इस दर्जे के जरिये हेमअथ एनजीओ संबंधित बैठकों और सम्मेलनों में भाग ले सकेगा।