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भारत की मुहिम को मिली वैश्विक पहचान: 27 नवंबर को बाल विवाह के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित, यूएन का फैसला

Sat, 05 Sep 2026 08:28 PM IST
देवेश त्रिपाठी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, यूएन

सार

जेआरसी बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले नागरिक समाज संगठनों का दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। संगठन अपने ‘चाइल्ड मैरिज फ्री वर्ल्ड’ अभियान के तहत कानून, जवाबदेही और साझा प्रयासों के जरिए बाल विवाह खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है।
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संयुक्त राष्ट्र का बड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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संयुक्त राष्ट्र ने 27 नवंबर को ‘बाल विवाह, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस’ घोषित किया है। भारत के लिए यह तारीख खास है। 27 नवंबर 2024 को ही केंद्र सरकार ने ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान शुरू किया था। इस अंतरराष्ट्रीय दिवस की पहल जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक भुवन ऋभु ने की थी।
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मार्च 2026 में संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ एक समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने के लिए प्रस्ताव लाने की बात कही थी। उस दौरान सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी डॉ. फातिमा मादा बायो भी मौजूद थीं। उन्होंने इस पहल का समर्थन किया।

इसके बाद सिएरा लियोन ने भारत समेत 67 देशों के समर्थन वाला प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया। इसमें 27 नवंबर को बाल विवाह खत्म करने के लिए समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित करने की मांग की गई थी। 4 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। प्रस्ताव पेश किए जाने के दौरान सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी डॉ. फातिमा मादा बायो ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का भी विशेष उल्लेख किया।
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भुवन ऋभु बोले- भारत बाल संरक्षण में दुनिया के सामने मिसाल
संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पारित होने के मौके पर जेआरसी के संस्थापक भुवन ऋभु यूएन प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद थे। वह नागरिक समाज संगठनों की ओर से इस मौके पर मौजूद एकमात्र प्रतिनिधि थे। उन्होंने घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि भारत बाल संरक्षण के क्षेत्र में दुनिया के सामने विश्वगुरु के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ‘चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ अभियान की शुरुआत बच्चों और समुदायों ने की थी। बाद में सरकार ने इसे समर्थन देकर बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया।

भुवन ऋभु के मुताबिक, 27 नवंबर 2024 को अभियान के तहत 25 करोड़ से ज्यादा लोगों ने एक साथ बाल विवाह के खिलाफ शपथ ली थी। अब यही अभियान अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में दुनिया ने स्वीकार किया है।उन्होंने बच्चों, समुदाय के नेताओं, धर्मगुरुओं और सहयोगी संगठनों को इसके लिए बधाई दी। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व और प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया।

2030 तक बाल विवाह खत्म करने की अपील
भुवन ऋभु ने कहा कि अब दुनिया भर की सरकारों को 2030 तक बाल विवाह खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठाने होंगे। हर बच्चे की शिक्षा, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि वह अपनी पूरी क्षमता हासिल कर सके।उन्होंने सिएरा लियोन की फर्स्ट लेडी को इस मुद्दे को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही प्रस्ताव का समर्थन करने वाले 67 देशों का भी आभार जताया।

782 जिलों में अभियान से जुड़े संगठन
जेआरसी बाल संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले नागरिक समाज संगठनों का दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। संगठन अपने ‘चाइल्ड मैरिज फ्री वर्ल्ड’ अभियान के तहत कानून, जवाबदेही और साझा प्रयासों के जरिए बाल विवाह खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है। भारत में जेआरसी अपने सहयोगी संगठनों के साथ 782 जिलों में काम कर रहा है। संगठन सरकार और कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर समुदायों, स्कूलों, पंचायतों, महिलाओं, धर्मगुरुओं, पुलिस, राजनीतिक प्रतिनिधियों और संवेदनशील आबादी को अभियान से जोड़ रहा है। जेआरसी के सहयोगी संगठनों के मुताबिक, भारत में 5.50 लाख से अधिक बाल विवाह रोके गए हैं। संगठन का कहना है कि सरकार, नागरिक समाज और समुदाय मिलकर काम करें तो बाल विवाह को रोका जा सकता है और इसे पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
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