संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस का दूसरा पांच साल का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा है। जिसके बाद नए महासचिव को चुनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में संयुक्त राष्ट्र महासचिव का पद बेहद अहम होता है। ऐसे में कई बड़े नाम इस पद की रेस में शामिल हैं। तो आइए जानते हैं कि कैसे संयुक्त राष्ट्र महासचिव का चुनाव होता है और इसका क्या पूरी प्रक्रिया होती है?
कब शुरू होगी प्रक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से मंगलवार से शुरू हो गई है। मंगलवार को 15 सदस्यों वाली संयुक्त सुरक्षा परिषद और 193 देशों की महासभा के अध्यक्ष ने एक संयुक्त पत्र जारी किया है। जिसमें संयुक्त राष्ट्र के सदस्यों देशों से अगले महासचिव के लिए नाम मांगे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव पद का उम्मीदवार संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश का होना चाहिए। आमतौर पर यह पद क्षेत्रवार बदलता रहता है। मतलब मौजूदा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस साल 2016 में चुने गए थे और वे पुर्तगाल यानी पूर्वी यूरोप के उम्मीदवार थे। अब यह पद किसी लैटिन अमेरिकी नेता को दिया जा सकता है। हालांकि कुछ राजनयिक अन्य क्षेत्रों से भी उम्मीदवारों के नाम दे सकते हैं।
क्या है चुनाव की प्रक्रिया
नए महासचिव की चुनाव प्रक्रिया कई महीनों तक चलेगी, जिसमें कई राउंड की वोटिंग होगी। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अगले साल के आखिर में 10वें संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चुनाव के लिए 193 सदस्यों वाली महासभा को आधिकारिक तौर पर एक उम्मीदवार के नाम की सिफारिश करेगी। सुरक्षा परिषद एक गुप्त मतदान करेगी, जिसे स्ट्रॉ पोल कहा जाता है। स्ट्रॉ पोल में हर उम्मीदवार के लिए काउंसिल मेंबर को ये विकल्प दिए जाते हैं: प्रेरित करना, हतोत्साहित करना या कोई राय नहीं। आखिर में, सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों- अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन और फ्रांस - को एक उम्मीदवार के नाम पर सहमत होना होगा।
सुरक्षा परिषद में स्ट्रॉ पोल में स्थायी सदस्य देशों के लिए के लिए और 10 चुने हुए सदस्यों के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्र होते हैं। साल 2016 में जब गुटेरेस का चुनाव किया गया था तो सुरक्षा परिषद को सहमति पर पहुंचने के लिए छह बार स्ट्रॉ पोल कराया गया था। स्टॉ पोल के बाद सुरक्षा परिषद बंद दरवाजे के पीछे एक प्रस्ताव पास कर नए महासचिव के नाम पर मुहर लगाती है। प्रस्ताव को पारित होने के लिए पक्ष में नौ वोट और किसी वीटो की जरूरत नहीं होती।
कौन बन सकता है अगला यूएन महासचिव
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बनने की रेस में कई बड़े नाम शामिल हैं। हालांकि कुछ नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है, जो निम्न हैं-
मिशेल बैचलेट-चिली: लैटिन अमेरिकी देश चिली की तरफ से पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बैचलेट का नाम प्रस्तावित किया जाएगा। चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिस ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा कि बैचलेट चिली की पहली महिला राष्ट्रपति थीं और वे दक्षिण अमेरिकी देशों के अध्यक्ष पद पर भी रह चुकी हैं। बैचलेट साल 2018-2022 के बीच संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त और उससे पहले यूएन वुमन की कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
ये भी पढ़ें-
US: रिपोर्ट का दावा- काश पटेल को एफबीआई निदेशक पद से हटाएंगे ट्रंप; व्हाइट हाउस ने किया खारिज
रेबेका ग्रिनस्पान-कोस्टा रिका: कोस्टा रिका की तरफ से पूर्व उपराष्ट्रपति रेबेका ग्रिनस्पान के नाम को प्रस्तावित किया जा सकता है। राष्ट्रपति रोड्रिगो शावेज ने इसकी जानकारी दी। 69 वर्षीय ग्रिनस्पैन अभी संयुक्त राष्ट्र कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलेपमेंट के महासचिव पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
राफेल ग्रोसी-अर्जेंटीना: अर्जेंटीना की तरफ से राफेल ग्रोसी का नाम प्रस्तावित किया जा सकता है। ग्रोसी, अर्जेंटीना के पूर्व राजनयिक हैं और फिलहाल इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के महानिदेशक पद पर हैं।