संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक व सामाजिक आयोग (एस्केप) का मानना है कि यहां हर क्षेत्र में अपनी प्रगति तेज करनी होगी, तभी 2030 तक सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) हासिल हो सकेंगे। इसे लेकर मंगलवार को आयोग ने एसडीजी प्रगति रिपोर्ट जारी की। इसमें यह भी सामने आया कि 2020 के लिए तय लक्ष्य कोविड-19 महामारी के पहले ही पिछड़ चुके थे।
रिपोर्ट जारी करते हुए आयोग के दक्षिण व दक्षिण पश्चिम एशिया निदेशक डॉ. नागेश कुमार ने बताया कि गरीबी व भुखमरी हटाने और बेहतर स्वास्थ्य मुहैया करवाने के पहले तीन लक्ष्यों की तरफ अच्छी प्रगति हुई है।
लेकिन असमानता दूर करने, शहरों को सुधारने, जलवायु परिवर्तन पर काम करने, जलीय जीव संरक्षण और शांति व न्याय जैसे मामलों में स्थितियां खराब हुई हैं। बाकी लक्ष्यों में प्रगति नहीं हुई। एग्जीक्यूटिव सेक्रेट्री एर्मिडा सालसिया अलिसजाहबाना ने बताया कि 2030 के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने दशक आ चुका है, इसलिए हमें इन्हें हासिल करने के लिए प्रगति तेज करनी होगी।
लॉकडाउन का हुआ वंचितों पर असर
रिपोर्ट केअनुसार लॉकडाउन की वजह से समाज के वंचित वर्गों पर काफी असर हुआ। सामुदायिक दूरी रखने के नियम ने भी मुश्किलें खड़ी कीं।
भारत की स्थिति : 20 साल में सबसे साफ हवा
- रिपोर्ट के अनुसार भारत ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाते हुए ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में भी कमी दर्ज की। हालांकि इसकी अहम वजह लॉकडाउन को बताया गया।
- उपग्रह से हासिल डाटा केअनुसार उत्तरी भारत में पिछले 20 साल में सबसे साफ हवा लोगों को मिली। कई प्रदूषण तत्व 50 प्रतिशत औसतन घट गए।