यूएन एजेंसी ने कहा कि उसने यह कदम सशस्त्र लोगों की तरफ से हाल में सहायता समाग्री की लूटपाट के बाद उठाया है। एजेंसी ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया।
फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने गाजा की मुख्य कार्गो क्रासिंग से राहत सामग्री की आपूर्ति रोकने का एलान किया है। यूएन एजेंसी ने कहा कि उसने यह कदम सशस्त्र लोगों की तरफ से हाल में सहायता समाग्री की लूटपाट के बाद उठाया है। एजेंसी ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने के लिए इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया।
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इसके साथ ही खंडहर में तब्दील हो चुके गाजा में मानवीय संकट गहरा गया है और यहां करीब 18 लाख लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके हैं। बता दें कि यूएन अपनी रिपोर्ट में पहले ही कह चुका है कि इस्राइली हमले में फिलिस्तीनियों की 70 फीसदी खेती नष्ट हो गई है और आजीविका का संकट लगातार गहरा हो रहा है। सर्द रातों में तंबुओं के नीचे गुजारा करने वाले हजारों लोगों के सामने खाने-पीने की विकट समस्या पैदा हो गई है, जो अंतरराष्ट्रीय मदद की उम्मीद लगाए बैठे थे। विशेषज्ञ पहले ही गाजा के उत्तरी भाग में अकाल की चेतावनी दे चुके हैं। केरेम शालोम क्रॉसिंग की ओर गाजा जाने वाला रास्ता बहुत खतरनाक हो चुका है।
राफा क्रासिंग के बंद होने के बाद केरेम के जरिये हो रही थी आपूर्ति
मई में मिस्र की राफा क्रासिंग के बंद किए जाने के बाद केरेम का उपयोग मुख्य आपूर्ति क्रासिंग के रूप में किया जा रहा था। पिछले महीने गाजा में करीब दो-तिहाई सहयाता सामग्री की आपूर्ति इसी क्रासिंग के जरिये हुई थी। लेजारिनी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि गाजा में मानवीय कार्यों की विफलता के लिए मुख्य रूप से इस्राइल दोषी है।