यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका देश युद्ध समाप्त करने के लिए इस सप्ताह अमेरिका-रूस वार्ता में भाग नहीं लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि यूक्रेन इस वार्ता में भाग नहीं लेगा इसलिए वह वार्ता के नतीजों को भी स्वीकार नहीं करेगा। यूएई में एक कांफ्रेंस कॉल के दौरान जेलेंस्की ने पत्रकारों से कहा, उनकी सरकार को सऊदी अरब में मंगलवार की नियोजित वार्ता के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था।
जेलेंस्की ने कहा, किसी भी यूक्रेनी अधिकारी की अनुपस्थिति को देखते हुए वे कोई नतीजे पर पहुंचने संबंधी बयान नहीं देंगे। जेलेंस्की ने कहा, वह सोमवार को तुर्किये और बुधवार को सऊदी अरब की यात्रा जरूर कर रहे हैं, लेकिन अरब राष्ट्र की उनकी यात्रा का मंगलवार को वहां नियोजित अमेरिका-रूस वार्ता से कोई संबंध नहीं है। बता दें, यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता की लगातार उठ रही मांग के बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति के यूएई में पहुंचने की बात उठाई जा रही थी। वह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंच चुके हैं, लेकिन उनके बयान ने रूस-अमेरिकी वार्ता के नतीजों को गफलत में डाल दिया है।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो सऊदी अरब के दौरे पर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो आगामी दिनों में रूसी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत करेगा। एक अधिकारी ने यह भी कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य यूक्रेन युद्ध को खत्म कराना भी है।
ट्रंप के पुतिन से मिलने के थे संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि वह सऊदी अरब में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि रियाद में होने वाली वार्ता में अमेरिकी एनएसए माइकल वाल्ट्ज और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के भी भाग लेने की उम्मीद है। रूबियो की यह यात्रा पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद हो रही है। पुतिन के साथ चर्चा में ट्रंप ने कहा था कि वे अपनी-अपनी टीम के तुरंत वार्ता शुरू करने पर सहमत हुए हैं।
यूक्रेन पर ट्रंप ने यूरोप को अकेला छोड़ा, यूरोपीय नेताओं ने आपातकालीन बैठक की
यूरोपीय नेताओं ने सोमवार को पेरिस में आपातकालीन बैठक कर यूक्रेन मुद्दे पर एक संयुक्त मोर्चा बनाने पर चर्चा की। यूक्रेन संघर्ष को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से एकतरफा रूप से की जा रही कार्रवाई के बाद यूरोपीय देश चिंता में हैं। यूक्रेन पर अमेरिकी राजनयिक पहल ने दरअसल पश्चिम के मजबूत गठबंधन में उथल-पुथल मचा दी है और यूरोपीय नेताओं को अपने प्रमुख ट्रान्स अटलांटिक साझेदार (अमेरिका) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। पेरिस में आयोजित बैठक से कुछ देर पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की, लेकिन मैक्रों के कार्यालय ने 20 मिनट की चर्चा के बारे में विवरण नहीं दिया। जर्मनी, ब्रिटेन, इटली, पोलैंड, स्पेन, नीदरलैंड, डेनमार्क और यूरोपीय संघ के नेताओं ने यूरोप की सुरक्षा समस्या पर बातचीत के लिए एलिसी पैलेस में मुलाकात की। नाटो महासचिव मार्क रुटे भी वहां मौजूद थे। पिछले हफ्ते से, ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों ने, यूरोप की अपनी पहली यात्रा पर, यह धारणा बनाई कि वाशिंगटन रूस को गले लगाने के लिए तैयार है।
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