कीव के पूर्वी कस्बों पर यूक्रेन की पकड़ फिर मजबूत
यूक्रेन की सेना ने कीव के पूर्वी कस्बों और रक्षा चौकियों पर अपनी पकड़ फिर मजबूत कर ली है और रूसी सैनिकों को पीछे हटना पड़ा है। कीव के पूर्वी उपनगर बॉरिस्पिल के मेयर ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने एक गांव पर फिर कब्जा कर लिया है और हजारों नागरिक लौट आए हैं। बॉरिस्पिल में ही कीव का प्रमुख एयरपोर्ट है। कई शहर वीरान हो गए हैं। जो लोग बचे भी हैं, उन्हें भोजन के लाले पड़ गए हैं। खारकीव में अधिकतर बुजुर्ग महिलाएं ही बची हैं। कीव में लोगों के शव उठाने वाला कोई नहीं है।
230 स्कूल और 155 किंडरगार्टन तबाह हुए
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया है कि 128 बच्चों समेत हजारों लोग अब तक मारे जा चुके हैं। कीव में 80 से अधिक इमारतें तबाह हो चुकी हैं। देशभर में 230 स्कूल और 155 किंडरगार्टन तबाह हो चुके हैं। एक करोड़ लोग अपनी जगहों से विस्थापित हुए हैं जबकि 35 लाख लोग देश छोड़कर दूसरे देशों को जा चुके हैं।
रूसी सैनिकों ने अपने ही कमांडर को टैंक से कुचल कर मार डाला
रूस की 37वीं मोटर राइफल ब्रिगेड सैनिकों ने अपने ही कमांडर कर्नल यूरी मेदवेदेव पर जान-बूझकर टैंक चढ़ा दिया। यूक्रेनी पत्रकार रोमन सिंबाल्युइक के मुताबिक, मेदवेदव की यूनिट के फौजियों ने बगावत कर दी और उन पर टैंक चढ़ा दिया। हमले के दौरान अब तक एक लेफ्टिनेंट जनरल समेत 9 वरिष्ठ कमांडर मारे जा चुके हैं।
जंग के मैदान से लाइव कंसर्ट की तैयारी
रूस के खिलाफ लड़ रहे यूक्रेनी पॉप बैंड एंटीलिया के मुख्य गायक टारस तोपोलिया, कीबोर्ड प्लेयर सेरहाई व्युस्क और गिटारिस्ट दमित्रो जोलुड हथियारों के साथ। एंटीलिया ने भी यूक्रेन के लिए कोष जुटाने के लिए 29 मार्च को बर्मिंघम में होने वाले लाइव कंसर्ट में भी वीडियो लिंक के जरिए भाग लेने की मंशा जताई है।
जंग के खिलाफ रूसी हस्तियों ने इस्तीफे दिए, कुछ तो देश छोड़कर ही चले गए
यूक्रेन पर हमलों के खिलाफ पुतिन के विशेष आर्थिक दूत अनातोली चुबैस के साथ कई अन्य रूसी शख्सियतें भी अपने पदों के साथ देश भी छोड़ गए हैं। रूस के पूर्व उप प्रधानमंत्री और अंतरराष्ट्रीय शतरंज संघ के अध्यक्ष अर्केडी वोरकोविच भी यूक्रेन पर हमलों की निंदा कर चुके हैं। साथ ही वोरकोविच ने स्कोलकोवो फाउंडेशन के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया। सरकारी एनटीवी चैनल की एंकर लिलिया गिल्देयेवा इस्तीफा देकर विदेश जा चुकी हैं। एक अन्य एंकर झाना एगालाकोवा भी नौकरी और देश छोड़ने वालों में शामिल हैं।