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क्या होने वाला है हमला?: यूक्रेन ने रूस के खिलाफ पश्चिम देशों से मांगा समर्थन, बोले- सबसे बड़ी फौज के खिलाफ 'शील्ड' का करें समर्थन

Sun, 20 Feb 2022 09:17 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मास्को

सार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि, आक्रमण की स्थिति में उनका देश समर्थन का पात्र है। उन्होंने कहा कि, यूक्रेन आठ साल से दुनिया की सबसे बड़ी फौज को एक शील्ड की तरह रोके हुए है। अब पश्चिम देश इस शील्ड का समर्थन करें। 
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यूक्रेन-रूस संघर्ष - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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यूक्रेन पर रूस का रुख अभी भी स्पष्ट नहीं हो रहा है। वह हर तरह से संकेत दे रहा है कि, आक्रमण कभी भी हो सकता है। इस बीच नाटो प्रमुख जेन्स स्टोल्टेबर्ग ने चेतावनी दी है कि, रूसी फौज कभी भी यूक्रेन पर आक्रमण कर सकती है। इसके संकेत भी मिल रहे हैं। ऐसे में यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों से मदद मांगी है।

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि, आक्रमण की स्थिति में उनका देश समर्थन का पात्र है। जेलेंस्की का यह बयान तब आया है, जब नाटो प्रमुख ने हमले की चेतावनी दी है। म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में पहुंचे जेलेंस्की ने कहा कि, यूक्रेन एक ढाल की तरह रहा है। आठ साल से यह दुनिया की सबसे बड़ी फौजों में से एक को रोके हुए है। 

तनातनी के बीच रूस ने दिखाई ताकत
यूक्रेन-रूस विवाद पर एक तरफ दुनिया के तमाम देश जर्मनी में इकट्ठा हुए हैं, तो दूसरी तरफ रूस ने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि, वह इस तरह किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है। रूस ने शक्ति प्रदर्शन करने हुए परमाणु-सक्षम मिसाइलों का परीक्षण तक कर डाला है। उधर, जेलेंस्की ने म्यूनिख की यात्रा ऐसे समय में की है, जब संघर्ष के बीच दो यूक्रीन सैनिक मारे गए हैं। 
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पुतिन से मिलना चाहते हैं जेलेंस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति क्या चाहते हैं, वह नहीं जानते। इसका पता लगाने के लिए वह व्लादिमीर पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस ने जो कुछ भी किया है, वह उनके देश की सुरक्षा के लिए रेड अलर्ट है। 

यूक्रेन के पक्ष में आए जी-7 देश 
इधर, रूस और यूक्रेन के बीच जारी गतिरोध पर जी7 के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी किया। रूस द्वारा अकारण और अनुचित रूप से सैन्य बलों का जमावड़ा वैश्विक सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए एक चुनौती है। सभी ने यूक्रेन के खिलाफ आगे किसी भी आक्रमण पर मास्को को 'बड़े पैमाने पर परिणाम' भुगतने की चेतावनी दी।

अमेरिका की चेतावनी, हमले का मन बना लिया है
संयुक्त राज्य अमेरिका ने चेतावनी जारी की है। कहा है कि, यूक्रेन की सीमाओं पर लगभग 150,000 रूसी सैनिक तैनात हैं, लेकिन रूस अपने समर्थन वाली अलगाववादी ताकतों को शामिल करते हुए करीब दो लाख सैनिकों के साथ आक्रमण का मन बना चुका है। वहीं बेलारूस में अभी भी रूस के 30 हजार सैनिक मौजूद हैं। वे वहां से वापस आ रहे हैं, लेकिन ये सैनिक भी यूक्रेन के खिलाफ हमले में भाग ले सकते हैं। 

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