यूक्रेन ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में चीनी नागरिक रूस की हमलावर सेना के साथ लड़ रहे हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि उनकी सेना ने पूर्वी दोनेस्क क्षेत्र में युद्ध के दौरान रूसी सेना का साथ दे रहे चीन के दो नागरिकों को गिरफ्तार किया है। हालांकि चीन इन दावों को खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन सरकार हमेशा चीनी नागरिकों से संघर्ष क्षेत्रों से दूर रखता है।
वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, यह जानकारी मिली है कि चीन के काफी अधिक लोग रूसी सेना के साथ हैं। अभी यह पता नहीं चला है कि बीजिंग ने रूस को हथियार या सैन्य विशेषज्ञता प्रदान की है या नहीं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि चीन अपनी पहल पर युद्ध में शामिल हुआ था या नहीं।
रूस विदेशियों को अपनी सेना में भर्ती होने की अनुमति देता है और यूक्रेन में भी यह व्यवस्था है। जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अपने शीर्ष राजनयिक को तुरंत बीजिंग से संपर्क करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा, अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अनुसार, ईरान और उत्तर कोरिया के अलावा चीन रूस को सैन्य सहायता प्रदान करने वाला तीसरा देश होगा।
ईरान ने रूस को हमलावर ड्रोन की आपूर्ति की है और उत्तर कोरिया ने उसे सैनिक की आपूर्ति की है। जेलेंस्की ने कहा, दोनेस्क के तरासिव्का और बिलोहोरिव्का गांवों के पास चीनी सैनिकों के साथ झड़प हुई, जहां छह चीनी सैन्यकर्मियों ने यूक्रेनी सैनिकों से मुकाबला किया। जेलेंस्की ने कहा, दो चीनी सैनिकों को बंदी बना लिया गया है। यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने चीनी प्रभारी राजदूत को तलब किया है।
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चीन ने खारिज किया यूक्रेनी दावा
बीजिंग। चीन ने यूक्रेनी दावे को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा, हमने यूक्रेन संकट को राजनीतिक रूप से हल करने में रचनात्मक भूमिका निभाई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा, चीन सरकार हमेशा चीनी नागरिकों से संघर्ष क्षेत्रों से दूर रहने, किसी भी तरह के सशस्त्र संघर्ष में शामिल होने से बचने और विशेष रूप से किसी भी पक्ष के सैन्य अभियानों में भाग लेने से परहेज करने के लिए कहती है। ऐसा प्रतीत होता है कि पकड़े गए चीनी अपनी पहल पर रूस के रैंक में शामिल हुए थे।