यूक्रेन के डोनबास इलाके में रूसी सेना का हमला लगातार जारी है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इसका मुकाबला करने के लिए पश्चिमी देशों से लंबी रेंज तक मार करने वाले हथियार मांगे हैं। डोनबास के सबसे बड़े शहर सीविरोदोनेत्स्क में लड़ाई के हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार रूस के हमलों में इस शहर की 90 फीसदी से ज्यादा इमारतें तबाह हो चुकी हैं। इसके अलावा हजारों की संख्या में नागरिकों और सैनिकों की मौत होने की आशंका है। यूक्रेन के राष्ट्रपति के सलाहकार मिखाइलो पोडोल्याक ने कहा कि हमने अमेरिका से लंबी दूरी तक मार करने वाले रॉकेट लॉन्चर मांगे हैं।
उधर, रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रूसी सैनिकों और क्रेमलिन समर्थित अलगाववादियों के संयुक्त दल ने दूसरे छोटे शहर लीमान को ‘पूरी तरह’ से मुक्त करा लिया है। इन अलगाववादियों ने रूस से सटे औद्योगिक क्षेत्र डोनबास में आठ साल पहले लड़ाई शुरू की थी।
जेलेंस्की ने खारिज की दोबारा कब्जे की संभावना
हालांकि, जेलेंस्की ने क्रीमिया प्रायद्वीप और डोनबास के हिस्से पर फिर से कब्जे की संभावना को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अगर रूस जबरन कब्जा करने की कोशिश करेगा तो इस संघर्ष में लाखों लोगों की जान जा सकती है। जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस यह सोच रहा है कि डोनबास में उसका कब्जा स्थाई है तो वह गलतफहमी में है।
लीमान पर कब्जे का मतलब है कि रूसी सेना को इस क्षेत्र में एक और बड़ी कामयाबी मिलेगी। इस क्षेत्र में सैनिकों के लिए सिवरस्की डोनेत्स नदी को पार करने और उन्हें सैन्य साजोसामान पहुंचाने की खातिर कई पुल मौजूद हैं। यह नदी ही रूसी सेना के लिए डोनबास में आगे बढ़ने में अब तक अड़चन बनी हुई है।
इससे पहले शुक्रवार को जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से बात करने के लिए उत्सुक नहीं है लेकिन हमें यह सच्चाई स्वीकार करनी होगी कि युद्ध को खत्म करने के लिए वार्ता करना जरूरी है।