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Ukraine Politics: क्या यूक्रेन में अब जेलेंस्की का विकल्प ढूंढा जा रहा है?

Wed, 19 Apr 2023 03:36 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स

सार

राष्ट्रपति बनने के पहले जेलेंस्की एक टीवी स्टार थे। उनका कॉमेडी शो तब बहुत लोकप्रिय था। उस शो में जेलेंस्की राष्ट्रपति की भूमिका निभाते थे। इससे उन्होंने लोगों के मन पर इतना असर डाला कि 2019 के आम चुनाव में यूक्रेन के मतदाताओं ने उन्हें सचमुच राष्ट्रपति चुन लिया...
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Volodymyr Zelenskyy - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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क्या यूक्रेन में राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का विकल्प ढूंढा जाने लगा है? कुछ ताजा मीडिया रिपोर्टों में ऐसी अटकलें लगाई गई हैं। कुछ रिपोर्टों में यह कयास भी लगाया गया है कि संभवतः अमेरिका में भी अब जेलेंस्की की जगह किसी बेहतर छवि के नेता को यूक्रेन का नेतृत्व देने पर सोच-विचार शुरू हो गया है। हाल में अमेरिका में कुछ खुफिया दस्तावेज सार्वजनिक हुए थे। उनमें से एक दस्तावेज में कहा गया था कि जेलेंस्की और उनके साथियों ने यूक्रेन को दी गई पश्चिमी सहायता में से 40 करोड़ डॉलर का गबन किया है।  

वेबसाइट पॉलिटिको.ईयू ने यूक्रेन के विभिन्न पक्षों के नेताओं से बातचीत के आधार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें बताया गया है कि यूक्रेन का एक खेमा अब जेलेंस्की को “समस्या का हिस्सा” मानने लगा है। खासकर अपनी तानाशाही प्रवृत्तियों के कारण जेलेंस्की की अलोकप्रियता बढ़ रही है।

पोलिटिको.ईयू की रिपोर्ट में कहा गया है- ‘ऐसी बातें यूक्रेन के बाहर के लोगों को आश्चर्यजनक लग सकती हैं। आखिरकार साल भर से जेलेंस्की की यूक्रेनी प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में प्रशंसा की गई है। यहां तक कि उन्हें लोकतंत्र का आइकॉन भी बताया गया है।’ लेकिन यूक्रेन के अनेक पर्यवेक्षकों के मुताबिक जेलेंस्की को लेकर देश के अंदर असंतोष बढ़ रहा है। अभी उनकी जो ऊंची एप्रूवल रेटिंग (उनसे संतुष्ट लोगों की संख्या) दिखाई देती है, वह असल में युद्ध के कारण है। आम प्रशासन में उनका रिकॉर्ड खराब रहा है।

राष्ट्रपति बनने के पहले जेलेंस्की एक टीवी स्टार थे। उनका कॉमेडी शो तब बहुत लोकप्रिय था। उस शो में जेलेंस्की राष्ट्रपति की भूमिका निभाते थे। इससे उन्होंने लोगों के मन पर इतना असर डाला कि 2019 के आम चुनाव में यूक्रेन के मतदाताओं ने उन्हें सचमुच राष्ट्रपति चुन लिया। लेकिन उसके बाद उनकी एप्रूवल रेटिंग में तेजी से गिरावट आई थी। बहुचर्चित पैंडोरा पेपर्स में उन पर टैक्स चोरी के अड्डों में धन जमा कराने का आरोप लगाया गया था। इससे भी उनकी छवि खराब हुई।

लेकिन सूरत पिछले साल बदल गई, जब रूस ने यूक्रेन में विशेष सैनिक कार्रवाई शुरू कर दी। इससे उनके विरोधी भी चुप हो गए। लेकिन अब वे फिर से जुबान खोलते नजर आ रहे हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक उनके आलोचकों ने अब कहा है कि युद्ध का लाभ उठा कर जेलेंस्की ने अपने राजनीतिक विरोधियों का दमन किया है। इस बीच देश आर्थिक रूप से लगभग तबाह हो गया है।

विपक्षी सांसद मायकोला क्न्याझित्सकी ने पोलिटिको.ईयू से कहा- ‘बेशक इस बात की जरूरत है कि हम सरकार को अपना समर्थन दें और एकजुट रहें। लेकिन मैं अपने देश में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर चिंतित हूं। युद्ध काल में भी राजनीतिक विपक्ष के लिए जगह बनी रहनी चाहिए। संसदीय निगरानी की गुंजाइश भी बनी रहनी चाहिए।’ यूक्रेन के एक पूर्व मंत्री ने इसी वेबसाइट से कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रशंसा से जेलेंस्की में अहंकार पैदा हो गया है। वे खुद को दुनिया का सबसे बड़ा राजनेता समझने लगे हैं। विश्लेषकों की राय है कि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जेलेंस्की के बारे में पश्चिमी मीडिया में पहली बार नकारात्मक रिपोर्टिंग देखने को मिल रही है। इसे पश्चिम में बदल रही धारणा का संकेत माना जा रहा है।

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