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Ukraine: बाइडन का अचानक कीव पहुंचना क्यों अहम? अमेरिकी राष्ट्रपति से पहले किन देशों के नेता पहुंचे यूक्रेन?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 21 Feb 2023 03:35 PM IST

सार

यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की शुरुआत 24 फरवरी 2022 से हुई। युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया के कई देशों का युद्धग्रस्त यूक्रेन को साथ मिला। कई नेता यूक्रेन पहुंचे। 16 मार्च को सबसे पहले यूक्रेन के पड़ोसी देशों के प्रमुख कीव पहुंचे।
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जो बाइडन ने यूक्रेन पहुंचे - फोटो : Agency
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध को एक साल पूरे होने वाले हैं। इससे चंद दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन पहुंचकर सभी को चौंका दिया। बाइडन सोमवार को राजधानी कीव पहुंचे और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस की यह सोच कि यूक्रेन कमजोर है, गलत थी। हालांकि, वैश्विक नेताओं का यूक्रेन दौरा कोई पहला नहीं है। इससे पहले कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख युद्ध प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति का दौरा यूक्रेन के लिए क्यों अहम है? बाइडन ने अपने दौरे में क्या-क्या एलान किया? इससे पहले किन नेताओं ने यूक्रेन का दौरा किया है?
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जो बाइडन ने यूक्रेन पहुंचे - फोटो : Agency
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध को एक साल पूरे होने वाले हैं। इससे चंद दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन पहुंचकर सभी को चौंका दिया। बाइडन सोमवार को राजधानी कीव पहुंचे और राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि रूस की यह सोच कि यूक्रेन कमजोर है, गलत थी। हालांकि, वैश्विक नेताओं का यूक्रेन दौरा कोई पहला नहीं है। इससे पहले कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख युद्ध प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति का दौरा यूक्रेन के लिए क्यों अहम है? बाइडन ने अपने दौरे में क्या-क्या एलान किया? इससे पहले किन नेताओं ने यूक्रेन का दौरा किया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति का दौरा यूक्रेन के लिए क्यों अहम है?
जो बाइडन सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। बाइडन का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। अमेरिका अभी तक दूर से यूक्रेन को सैन्य मदद पहुंचाता रहा है। जो बाइडन ने कई मौकों पर एलान किया है कि वह यूक्रेन के साथ हर हाल में खड़े रहेंगे। हालांकि, सोमवार को उनके यूक्रेन दौरे ने क्रेमलिन रणनीतिकारों की चिंता बढ़ा दी है। 

बाइडन ने अपने दौरे में क्या-क्या एलान किया?
यूक्रेन पहुंचकर बाइडन ने युद्धग्रस्त देश को और मदद देने का एलान किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह यूक्रेन को और भी ज्यादा और नए हथियार मुहैया कराएंगे। उन्होंने यूक्रेन की रक्षा के लिए एयर सर्विलांस रडार देने का एलान किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा मैं यूक्रेन के लोकतंत्र, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए कीव में हूं। बीते एक साल में अमेरिका ने यूक्रेन के लिए सैन्य, आर्थिक और मानवीय मदद मुहैया कराई है। यह समर्थन बना रहेगा।

बाइडन और जेलेंस्की(फाइल) - फोटो : Social Media
बाइडन का दौरा ऐतिहासिक क्यों?
बाइडन अप्रैल 2008 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बाद से यूक्रेन का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। बराक ओबामा के कार्यकाल में उपराष्ट्रपति के रूप में बाइडन यूक्रेन के दौरे पर गए थे। जानकरों के मुताबिक, पूर्व यूक्रेनी राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको के साथ बाइडन के घनिष्ठ संबंध थे।

यहां यह अहम है कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने पहले भी इराक और अफगानिस्तान जैसे संघर्ष क्षेत्रों का दौरा किया है, लेकिन राष्ट्रपतियों के लिए एक ऐसे क्षेत्र का दौरा करना असामान्य है जो अमेरिकी वायु नियंत्रण के अधीन नहीं है। बाइडन का दौरा 1963 में शीत युद्ध के चरम पर जॉन एफ कैनेडी के बर्लिन दौरे की याद दिलाता है।  

कई देशों का यूक्रेन को समर्थन मिला
यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध की शुरुआत 24 फरवरी 2022 से हुई। युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया के कई देशों का युद्धग्रस्त यूक्रेन को साथ मिला। कई नेता यूक्रेन पहुंचे। 

पड़ोसी देशों के प्रमुख ट्रेन से यूक्रेन पहुंचे
16 मार्च को सबसे पहले यूक्रेन के पड़ोसी देशों के प्रमुख कीव पहुंचे। युद्ध शुरू होने के 20 दिन बाद चेक गणराज्य, पोलैंड और स्लोवेनिया के प्रधानमंत्रियों ने ट्रेन से कीव की यात्रा की थी। इसमें चेक प्रधानमंत्री पेट्र फियाला, उनके पोलिश समकक्ष माटुस्ज मोराविकी और स्लोवेनिया के प्रीमियर रॉबर्ट गोलोब शामिल थे।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस - फोटो : social media
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस
पिछले साल अप्रैल में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कीव का दौरा किया और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बैठक की। जब गुटेरेस राजधानी में थे तब भी धमाका हुआ था। अप्रैल 2022 में यूनाइटेड स्टेट्स हाउस की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने भी राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलने के लिए कीव का दौरा किया था। उनके साथ कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी था। नैन्सी को यूक्रेनी-अमेरिकी सहयोग को मजबूत करने के लिए जेलेंस्की द्वारा 'ऑर्डर ऑफ प्रिंसेस ओल्गा' से भी सम्मानित किया गया था।

अमेरिका की प्रथम महिला 
पिछले साल मई में अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने पश्चिमी यूक्रेन की यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने देश की प्रथम महिला ओलेना जेलेंस्का के साथ एक मदर्स डे बैठक आयोजित की थी। 

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो - फोटो : ANI
कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो 
मई 2022 में ही कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कीव का औचक दौरा किया और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बैठक की। ट्रूडो ने कहा था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 'जघन्य युद्ध अपराधों' के लिए जिम्मेदार हैं और कनाडा न्याय दिलाने में यूक्रेन का समर्थन करेगा।

यूरोपियन संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन। फाइल फोटो - फोटो : Social media
यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला
यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन यूक्रेन ने जून 2022 में 15 नीति आयुक्तों की एक टीम का नेतृत्व किया, जिन्होंने यूक्रेन की वित्तीय, व्यापार और ऊर्जा जरूरतों पर चर्चा की थी। 
 

इमैनुएल मैक्रों - फोटो : Social Media
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और अन्य यूरोपीय संघ नेता 
युद्ध शुरूह होने के बाद पिछले साल जून में यूरोपीय संघ के नेताओं की यूक्रेन की राजधानी कीव की बड़ी यात्राओं में से एक रही। इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने जर्मन चांसलर ओलाफ स्काल्ज, इटली की प्रधान मंत्री मारियो द्राघी और रोमानिया के राष्ट्रपति क्लॉस इओहानिस शामिल थे। 

बोरिस जॉनसन - फोटो : social media
ब्रिटेन के पूर्व प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन
अगस्त 2022 में ब्रिटेन के पूर्व प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की थी। इसके बाद दूसरा दौरा उन्होंने पिछले महीने किया। जॉनसन का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब यूक्रेन के सहयोगियों पर युद्धग्रस्त देश को और अधिक टैंकों की आपूर्ति करने के लिए दबाव डाला जा रहा था।
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