कड़ाके की सर्दी के बीच यूक्रेन में रूस के हमले रुकने के दावे पर शंका बनी बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि रूस ने बातचीत में यूक्रेन के बिजली घरों पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। हालांकि, क्रेमलिन ने ट्रंप के इस दावे पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पढ़ें रिपोर्ट-
बीते चार साल से जारी भीषण जंग के बीच कीव और अन्य हिस्सों में लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेन इस चीज को देख रहा है कि रूस अपना वादा निभा रहा है या नहीं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि रूस ने एक हफ्ते तक यूक्रेन के बिजली घरों और बिजली की आपूर्ति पर हमलों को रोकने की बात मानी है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या दावा किया था?
ट्रंप ने गुरुवार देर रात कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ऐसे समय में एक हफ्ते तक कीव और अन्य शहरों को निशाना न बनाने की बात मानी है, जब क्षेत्र में कड़ाके की ठंड ने आम लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
हमले कब तक रुके रहेंगे, व्हाइट हाउस ने नहीं दिया स्पष्टीकरण
हालांकि, ट्रंप ने यह जानकारी नहीं दी कि पुतिन से कब बातचीत हुई और कब तक हमले रुके रहेंगे। व्हाइट हाउस से जब यह पूछा गया कि हमले रोकने का यह फैसला किन जगहों पर लागू होगा और कब से लागू होगा, तो उसने तुरंत कोई जवाब नहीं दिया। क्रेमलिन की ओर से भी इस बात की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई कि पुतिन ने ऐसी किसी प्रतिबद्धता पर सहमति दी है।
जेलेंस्की को हमले रोकने के दावे पर आशंका
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को इस बात की आशंका है कि पुतिन वास्तव में ऐसा कदम उठाना चाहते हैं। रूस की ओर से पूर्ण पैमाने पर आक्रमण 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ था और अगले महीने उसे चार साल हो जाएंगे। अमेरिका की कोशिशों के बावजूद रूस की तरफ से शांति समझौता करने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। जेलेंस्की ने गुरुवार को दोहराया, मुझे नहीं लगता कि रूस युद्ध खत्म करना चाहता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अगर मॉस्को यूक्रेन के बिजली घरों और अन्य ऊर्जा परिसंपत्तियों पर बमबारी रोक देता है, तो यूक्रेन भी रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने के लिए तैयार है, जिनमें तेल रिफाइनरियां शामिल हैं। कीव ने हाल ही में गंभीर रूप से बिजली की कटौती का सामना किया है। इस सप्ताह कड़ाके की सर्दी बढ़ने वाली है। राज्य आपातकालीन सेवा ने बताया कि कुछ इलाकों में तापमान माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाएगा।