लुब्यंका के पास तोपें फायरिंग पोजीशन में
अमेरिका की निजी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजी ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी करते हुए कहा कि बख्तरबंद इकाइयां हवाईअड्डे के नजदीक आसपास के शहरों में घुसपैठ कर रही हैं। साथ ही काफिले के आगे उत्तर में लुब्यंका के पास तोपें फायरिंग पोजीशन में हैं।
हालात बदतर... सड़कों पर बिखरे पड़े हैं शव
रूसी सेना लगातार बम और मिसाइलें बरसाकर तबाही मचा रही है। मैरियूपोल में हालात सबसे खराब हैं। यहां यूक्रेनी सैनिकों के साथ आम नागरिक भी मारे जा रहे हैं। सामूहिक कब्रों में रोज दर्जनों शवों को दफनाने के बाद भी सड़कों पर शव बिखरे पड़े हैं।
बदली रणनीति, रूस ने काफिला बांटा
- कीव पर कब्जे के लिए रूस ने 64 किमी लंबे अपने सैन्य काफिले को लेकर रणनीति कुछ बदली है। उसने अपने काफिले को अब बांट दिया है। यह काफिला अब तितर-बितर होकर कई जगहों पर बिखर गया है।
- कीव अब सिर्फ 27 किलोमीटर दूर है, जहां से राजधानी पर कब्जा करने की अंतिम तैयारी कर ली गई है।
कीव पर बड़ा जमीनी हमला जल्द : ब्रिटेन
यूक्रेनी बलों के गुरिल्ला युद्ध के कारण बिखर चुकी अपनी सेना को रूस एकजुट कर रहा है। ब्रिटेन ने खुफिया जानकारी के आधार पर बताया कि रूस कीव पर जमीनी सेना के जरिये एक-दो दिन में बड़ा हमला करने जा रहा है। उत्तर से हमला करने गया रूसी दस्ता कई दिनों से हाईवे पर फंसा है, जिसकी वजह से रूस अपनी योजना के मुताबिक अब तक कीव पर कब्जा नहीं कर पाया है।
रिश्तों में तनाव...रूस को विमानों के पुर्जे देने से चीन का इनकार, भारत से मांगेगा
चीन ने पहली बार यूक्रेन पर रूस के हमलों को युद्ध कहा है। अब तक वह मॉस्को की तरह इसे विशेष सैन्य कार्रवाई ही कह रहा था। साथ ही बीजिंग ने रूसी एयरलाइनों और लड़ाकू विमानों के लिए कलपुर्जों की आपूर्ति से इनकार कर दिया है। इस वजह से रूस इन कलपुर्जों की आपूर्ति के लिए भारत या तुर्की से आग्रह कर सकता है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी से कहा कि हमें उम्मीद है कि यह युद्ध और लड़ाई जल्द ही थम जाएगी। बोइंग और एयरबस पहले ही रूसी विमान सेवाओं के लिए उपकरणों और पुर्जों की आपूर्ति रोक चुका है। प्राधिकरण के सूत्रों ने बताया कि इसके बाद वह भारत या तुर्की की कंपनियों से इन पुर्जों के लिए संपर्क कर सकता है।
अमेरिका का दावा-हमले से जिनपिंग बेचैन, रूस से बीजिंग की गर्माहट हुई कम
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने इन हमलों में बरती गई क्रूरता के कारण रूस और चीन के संबंधों पर असर पड़ने का संकेत दिया है। बर्न्स ने बताया कि चीनी नेता शी जिनपिंग इसे लेकर अशांत हैं। चीनी नेतृत्व जो कुछ देख रहा है उससे परेशान है। इसका कारण है कि उन्हें खुद नहीं पता था कि क्या होने वाला है।