ब्रिटेन में मीडिया की निगरानी करने वाले स्वतंत्र निकाय ऑफिस ऑफ कम्यूनिकेशंस (OFCOM) ने भारतीय डायस्पोरा पर केंद्रित टीवी चैनल एमएटीवी के ब्रॉडकास्ट लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। चैनल को तुरंत ऑफ एयर कर दिया गया है। यह कदम नियमों के उल्लंघन के कारण उठाया गया।
जांच के निष्कर्ष
ऑफकॉम की अगस्त 2024 से चल रही जांच में पाया गया कि लाइसेंस मिडलसेक्स ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमबीसीएल) के पास गलत तरीके से रखे गए थे। एमएटीवी नेशनल और एमएटीवी म्यूजिक दोनों लाइसेंस एमबीसीएल के नाम पर थे।
- एमएटीवी नेशनल: सैटेलाइट चैनल जो हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, गुजराती और पंजाबी में भारतीय कार्यक्रम प्रसारित करता था।
- MATV म्यूजिक: सैटेलाइट चैनल जो फिलहाल निष्क्रिय था। इसमें प्रसारण कभी नहीं हुआ, इसके पास केवल लाइसेंस था।
ऑफकॉम का कहना है कि ब्रॉडकास्ट लाइसेंस धारक को अपने चैनल पर संपादकीय नियंत्रण होना चाहिए। हमारी जांच में पाया गया कि एमबीसीएल के पास एमएटीवी की सामग्री पर ऐसा नियंत्रण नहीं था। इसलिए ये सेवाएं कानूनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रसारित नहीं हो रही थीं। अधिक समय देने के बावजूद एमबीसीएल ने नियमों का पालन नहीं किया, इसलिए ऑफकॉम ने लाइसेंस रद्द कर दिए।
राजनीतिक संबंधों का हवाला
जांच में यह भी सामने आया कि लाइसेंस के लिए नामित संपर्क व्यक्ति कुलदीप सिंह शेखावत एक समय में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी (यूके) के अध्यक्ष भी थे। ऑफकॉम ने कहा कि कोई व्यक्ति उस संस्था को नियंत्रित नहीं कर सकता जिसका उद्देश्य पूरी तरह या मुख्य रूप से राजनीतिक हो।
एमएटीवी के पक्षकर कुलदीप सिंह शेखावत ने कहा कि ऑफकॉम का निर्णय राजनीतिक प्रेरित है।