गृह कार्यालय ने कहा कि 2024 की शुरुआत से उन नियोक्ताओं पर 45 हजार पाउंड तक का जुर्माना लगाया जाएगा, जो पहली बार अवैध कर्मचारी रखेंगे। यानि प्रति अवैध कर्मचारी 45 हजार पाउंड का जुर्माना लगेगा। पहले यह 30 हजार पाउंड का जुर्माना लगता था, अब 15 हजार पाउंड की बढ़ोत्तरी की गई है। वहीं, बार-बार उल्लंघन करने पर 60 हजार पाउंड तक का जुर्माना लगाया जाएगा। पहले यह जुर्माना 40 हजार पाउंड लगता था।
वहीं, उन मकान मालिकों के लिए 1000 पाउंड के जुर्माने की घोषणा की गई है जो अवैध प्रवासियों को अपने घर में रखेंगे। पहले यह जुर्माना 80 पाउंड प्रति व्यक्ति था। इसी तरह, बार-बार उल्लंघन करने वाले मकान मालिकों पर 10 हजार पाउंड कर दिया गया है। यह जुर्माना पहले 500 पाउंड था।
ब्रिटेन के आव्रजन मंत्री रॉबर्ट जेनरिक ने कहा, अवैध प्रवासियों के लिए ब्रिटेन में काम करना खतरनाक है और अनावश्यक छोटी नावों को रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा, ऐसे मकान मालिक और नियोक्ता बेईमान हैं, जो अवैध रूप से काम करने वालों को अनुमति देते हैं, वे मानव तस्करों के व्यापार मॉडल को जारी रखने में सक्षम बनाते हैं। उचित जांच न करने के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा और उल्लंघन करने वालों को अब कड़े दंड का सामना करना पड़ेगा।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2018 की शुरुआत के बाद से अवैध श्रमिकों को नियोजित करने के लिए 88.4 मिलियन पाउंड के कुल मूल्य के साथ नियोक्ताओं को लगभग 5 हजार दंड जारी किए गए हैं। इस बीच, अवैध प्रवासियों को देश में रहने का कोई अधिकार न होने के कारण इसी अवधि में मकान मालिकों पर कुल 215,500 पाउंड मूल्य के 320 से अधिक नागरिक दंड लगाए गए हैं।