ब्रिटेन में 2021 में होनी वाली जनगणना में सिख धर्म को अलग जातीय समूह के तौर पर नहीं दिखाने के सरकार के फैसले के खिलाफ ब्रिटिश सिख समूह ने कानूनी मोर्चा खोल दिया है। सिख फेडरेशन ने 150 गुरुद्वारों और सिख संगठनों का इस मुद्दे पर समर्थन हासिल कर मई में ब्रिटेन के कैबिनेट कार्यालय को इसके लिए पत्र दिया था।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा मांग अस्वीकार करने के बाद अब सिख फेडरेशन ने इसकी समीक्षा करने के लिए यूके हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। समुदाय के मुताबिक, अदालत में इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए अनुमति लेने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए गए हैं।
उम्मीद जताई जा रही है कि मुद्दे पर हाईकोर्ट जल्द सुनवाई के लिए तैयार होगा। सिख फेडरेशन ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय पर सिख समुदाय की अलग श्रेणी बनाने की मांग की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।