ब्रिटेन की टेक्नोलॉजी मंत्री लिज केंडल ने कहा कि AI का अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए भारत और ब्रिटेन स्वाभाविक साझेदार हैं। लिज केंडल इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया फ्यूचर फोरम (UKIFF) की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हमारे समय का एक निर्णायक प्रतिस्पर्धी लाभ पेश करता है और भारत-ब्रिटेन के लिए इसका अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए एक स्वाभाविक साझेदार हैं। यह बयान ब्रिटेन की टेक्नोलॉजी मंत्री लिज केंडल ने लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान कही। दरअसल, लिज केंडल इंडिया ग्लोबल फोरम के यूके-इंडिया फ्यूचर फोरम (UKIFF) की ओर से आयोजित हाउस ऑफ लॉर्ड्स कॉम्प्लेक्स में वार्षिक UK-इंडिया संसदीय लंच को संबोधित कर रही थीं।
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जहां उन्होंने भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला, जो कि जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के संदर्भ में ब्रिटेन की मंत्री ने बताया कि देश में आर्थिक विकास बड़े पैमाने पर विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी द्वारा संचालित हो रहा है।
भारत के बारे में क्या बोलीं लिज केंडल?
लिज केंडल ने कहा, 'आज मेरा मानना है कि भारत और ब्रिटेन दोनों को विकास का एक और ऐसा ही अवसर मिला है। इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित; हम AI का अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए बिल्कुल सही स्थिति में हैं।' उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि AI हमारे समय का निर्णायक प्रतिस्पर्धी लाभ हो सकता है। हमारे पास बिल्डिंग ब्लॉक्स मौजूद हैं। भारत AI पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रहा है: चिप्स और कंप्यूटिंग हार्डवेयर में निवेश कर रहा है। विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण और AI फेलोशिप पर बड़ा निवेश कर रहा है।
AI समिट में कनिष्क नारायण करेंगे ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एआई सुरक्षा पर मिलकर काम करने की महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं के साथ भारत और ब्रिटेन यहां भी स्वाभाविक साझेदार हैं। हमें अगले शिखर सम्मेलन को सफल बनाना है। यह ब्रिटेन और भारत के लिए टेक और AI में अपनी ताकत दिखाने का मौका है। केंडल ने खुलासा किया कि ब्रिटिश भारतीय AI और ऑनलाइन सुरक्षा मंत्री, कनिष्क नारायण, अगले महीने दिल्ली में AI शिखर सम्मेलन में उनके विभाग से ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व करेंगे।