प्रिंस हैरी उन हस्तियों में से एक हैं, जिनके दावों पर समाचार पत्र के प्रकाशक के खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है। इस बीच, बुधवार को प्रकाशक ने गैरकानूनी तरीके से सूचना एकत्र करने का आदेश देने के लिए माफी मांगी है।
फोन हैकिंग के आरोपों को लेकर 'डेली मिरर' समाचार पत्र के प्रकाशक के खिलाफ ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। प्रिंस हैरी उन हस्तियों में से एक हैं, जिनके दावों पर प्रकाशक के खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है। इस बीच, बुधवार को समाचार पत्र के प्रकाशक ने गैरकानूनी तरीके से सूचना एकत्र करने का आदेश देने के लिए माफी मांगी है।
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'डेली मिरर' का प्रकाशक लंदन स्थित मिरर ग्रुप न्यूयपेपर्स (एमजीएन) है। एमजीएन ने उच्च न्यायालय में मुकदमे की शुरुआत में अदालती दस्तावेज जारी किए लेकिन फोन हैकिंग के आरोपों से इनकार किया। हालांकि, इसने स्वीकार किया कि प्रत्येक हस्ती के संबंध में अन्य प्रकार की गैरकानूनी जानकारी (यूआईजी) एकत्र करने के लिए तीसरे पक्ष के निर्देश के कुछ थे।
38 वर्षीय हैरी और अभिनेताओं, खेल जगत के सितारों और टीवी से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों समेत करीब सौ हस्तियों ने प्रकाशक के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन्होंने प्रकाशक पर 1991 और 2021 के बीच बड़े पैमाने पर फोन हैकिंग और अन्य गैरकानूनी तरीकों से निजी जानकारी निकालने का आरोप लगाया है।
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इससे पहले हुई सुनवाई में हैरी के मामले में कहा गया था कि 1996 से 2010 के बीच प्रकाशित 148 लेखों में ऐसी जानकारी शामिल है जो कथित तौर पर फोन हैकिंग सहित अन्य तरीकों से हासिल की गई थी। उनके वकीलों का तर्क है कि कंपनी के अधिकारियों को व्यापक फोन हैकिंग के बारे में पता था, लेकिन वे कार्रवाई करने में विफल रहे।
एमजीएन ने पहले गैरकानूनी तरीकों से प्राप्त जानकारी के संबंध में कुछ दावों का निपटारा किया है। उसका तर्क है कि अदालत के समक्ष लाए जा रहे दावों का नवीनतम सेट बहुत देर से और कानूनी समय सीमा से परे है।
प्रिंस हैरी ने दो अन्य प्रकाशकों एसोसिएटेड न्यूजपेपर्स लिमिटेड (एएनएल) और न्यूज ग्रुप न्यूजपेपर्स (एनजीएन) पर भी आरोप लगाया है कि वह उनके फोन हैकिंग के कृत्य में शामिल थे। हालांकि, दोनों ने इससे इनकार किया है।