फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fifth Biggest Economy: भारत ने दिया ब्रिटेन को बड़ा झटका, बना दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

Fri, 02 Sep 2022 10:48 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला , लंदन

सार

भारतीय अर्थव्यवस्था का इस वर्ष 7% से अधिक बढ़ने का अनुमान है। इस तिमाही में भारतीय शेयरों में बढ़ोतरी ने एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में केवल चीन के बाद दूसरे स्थान पर बढ़त देखी है। 
 
विज्ञापन
भारतीय अर्थव्यवस्था - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। इस घटनाक्रम ने लंदन में सरकार को एक और झटका दिया है क्योंकि यह एक पहले से ही सख्त जीवन-यापन के झटके से जूझ रहा है। भारत 2021 के अंतिम तीन महीनों में ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। यह गणना अमेरिकी डॉलर में आधारित है और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने पहली तिमाही में अपनी बढ़त बढ़ा दी है।

विज्ञापन


नए ब्रिटिश पीएम के सामने होंगी चुनौतियां
अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में ब्रिटेन की गिरावट नए प्रधानमंत्री के लिए एक मुश्किल पृष्ठभूमि में सामने आई है है। कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्य सोमवार को बोरिस जॉनसन के उत्तराधिकारी का चयन करेंगे। विदेश सचिव लिज ट्रस के पूर्व चांसलर ऋषि सनक को हराने की उम्मीद है। विजेता चार दशकों में सबसे तेज मुद्रास्फीति और मंदी के बढ़ते जोखिमों का सामना करने वाले देश को संभालेगा जो बैंक ऑफ इंग्लैंड के मुताबिक 2024 तक अच्छी तरह से चल सकता है। इसके विपरीत, भारतीय अर्थव्यवस्था का इस वर्ष 7% से अधिक बढ़ने का अनुमान है। इस तिमाही में भारतीय शेयरों में बढ़ोतरी ने एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स में केवल चीन के बाद दूसरे स्थान पर बढ़त देखी है। 

भारत की 854.7 बिलियन डॉलर की ्अर्थव्यवस्था 
समायोजित आधार पर और प्रासंगिक तिमाही के अंतिम दिन डॉलर विनिमय दर का उपयोग करते हुए पूरे मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 854.7 बिलियन डॉलर रहा। इसी आधार पर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था का आकार 816 अरब डॉलर का था। गणना आईएमएफ डेटाबेस और ब्लूमबर्ग टर्मिनल पर ऐतिहासिक विनिमय दरों का उपयोग करके की गई है। ब्रिटेन के तब से और गिरने की संभावना है। यूके की जीडीपी दूसरी तिमाही में नकद के संदर्भ में सिर्फ 1 फीसदी बढ़ी और मुद्रास्फीति के समायोजन के बाद 0.1% सिकुड़ गई। इस साल भारतीय मुद्रा के मुकाबले पाउंड में 8 फीसदी की गिरावट के साथ स्टर्लिंग ने रुपये के मुकाबले डॉलर के सामने भी कमजोरी दिखाई है। 
विज्ञापन


एक दशक पहले भारत 11वें स्थान पर था 
आईएमएफ के अपने पूर्वानुमानों से पता चलता है कि भारत इस साल सालाना आधार पर डॉलर के मामले में यूके से आगे निकल गया है, जिससे वह अब सिर्फ अमेरिका, चीन, जापान और जर्मनी से पीछे है। एक दशक पहले भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था, जबकि यूके 5वें स्थान पर था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें