फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UK: बांग्लादेश हिंसा के विरोध में लंदन उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन, खालिस्तानियों ने डाली बाधा; जानें पूरा मामल

Sun, 28 Dec 2025 11:08 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच लंदन के बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ। इस दौरान खलिस्तान समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन में बाधा डालने की कोशिश की।

विज्ञापन
लंदन स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन - फोटो : एक्स@ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश में जारी हिंसा की गूंज अब लंदन तक सुनाई दे रही है। इसी क्रम में शनिवार को एक बड़ी खबर तब सामने आई जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ लंदन स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शन में खलिस्तान समर्थकों ने अपनी खराब मंशा का परिचय दिया। साथ ही इस पूरे विरोध प्रदर्शन में बाधा डालने की कोशिश की। इस घटना के बाद पूरे मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की रणनीति सामने आने का संदेह बढ़ गया है। आइए जानते है कैसे?

दरअसल बांग्लादेश हिंदू एसोसिएशन और भारतीय समुदाय ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों, खासकर दीपु चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित किया था। लेकिन इसी दौरान कुछ खलिस्तान समर्थक आ गए और प्रदर्शन में हल्की झड़प हो गई।

विज्ञापन




बांग्लादेश में अब-तक क्यों जारी है हिंसा?
बता दें कि बीते कुछ दिनों से बांग्लादेश में हिंसा बदस्तूर जारी है। ढाका से लेकर चटगांव तक भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इसके ठीक बाद चटगांव में एक हिंदू शख्स की लिंचिंग की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया।

ये भी पढ़ें:- Iran: 'ईरान पर युद्ध थोप रहे यूएस, इस्राइल और यूरोप', राष्ट्रपति पेजेश्कियन की धमकी- अब निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे

खालिस्तानी समर्थकों का आने से विवाद क्यों?

विज्ञापन

बता दें कि खलिस्तान समर्थकों का प्रदर्शन स्थल और समय पर अचानक आना एक संयोग नहीं बल्कि पहले से योजना के तहत किया गया कदम माना जा रहा है। उनके वहां होने का मतलब ये है कि किसी बाहरी शक्ति का हाथ है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की आईएसआई लंबे समय से बांग्लादेश और भारत की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति पर असर डाल रही है। ऐसे में आईएसआई का मकसद युवाओं को कट्टरपंथ की ओर मोड़ना और धार्मिक अतिवाद फैलाना है।

ये भी पढ़ें:- Nepal: बालेन शाह बने नेपाल में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार, आम चुनाव के लिए आरएसपी के साथ हुआ समझौता
विज्ञापन


खालिस्तानी समर्थकों का मकसद
आईएसआई के इस अभियान के तहत बांग्लादेश में इस्लामवादी समूह हिंदू अल्पसंख्यकों की आवाज दबा रहे हैं। बाहर देशों में खलिस्तान समर्थक हिंदू विरोधी और भारत विरोधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। खलिस्तान समर्थकों का यह प्रदर्शन सीधे हिंदुओं के खिलाफ नहीं था, बल्कि इसका असली मकसद बांग्लादेश में हो रहे हिंदू उत्पीड़न की घटनाओं पर से ध्यान हटाकर भारत विरोधी संदेश फैलाना था।

सूत्रों का कहना है कि आईएसआई बांग्लादेश में और बाहर दोनों जगह रणनीति चला रही है। एक तो बांग्लादेश में इस्लामवादी समूह भारत विरोधी संदेश फैलाते हैं और अल्पसंख्यकों की आवाज दबाते हैं। दूसरा पश्चिमी देशों में खलिस्तान समर्थक भारत और हिंदुओं के समर्थन में उठ रही आवाजों को बाधित करते हैं।

अन्य वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें