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पीटर मैंडेलसन का दावा पड़ा भारी: प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी पर संकट, लेबर पार्टी में सिरफुटौव्वल

Tue, 02 Jun 2026 01:40 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, लंदन।

सार

मैंडेलसन का सुपर-ह्यूमन बनने का दावा खुद ब्रिटिश सरकार के गले की फांस बन चुका है। सुरक्षा जांच, विवादित चीन-रूस कनेक्शन और एपस्टीन जैसे दागदार अतीत के बावजूद अमेरिका के दूत बने मैंडेलसन के लीक चैट्स ने पीएम कीर स्टार्मर की राजनीतिक साख को तार-तार कर दिया है। सरकार के भीतर ही उठती अक्षमता और अविश्वास की यह गूंज अब स्टार्मर की कुर्सी छीनने का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है।
 
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कीर स्टार्मर, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ब्रिटिश राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन से जुड़े 1,500 पन्नों के नए सरकारी दस्तावेजों के सार्वजनिक होने से प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में मैंडेलसन को वाशिंगटन का दूत नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति को लेकर अब सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। मैंडेलसन को सिर्फ नौ महीने में पद से हटा दिया गया था। इस गलत फैसले के कारण अब स्टार्मर को अपनी कुर्सी बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
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दस्तावेजों के अनुसार, नियुक्ति से पहले नवंबर 2024 में मैंडेलसन ने तत्कालीन विदेश मंत्री डेविड लेमी को एक नोट लिखा था। इसमें उन्होंने वादा किया था कि सरकार को उन्हें नियुक्त करने पर कभी पछतावा नहीं होगा। मैंडेलसन ने लिखा था, 'ट्रंप प्रशासन के साथ ब्रिटेन के हितों को संभालना एक बेहद मुश्किल काम होगा। इसके लिए सुपर-ह्यूमन कौशल, किस्मत और एक बड़ी टीम की जरूरत होगी।' इसके अगले ही महीने उनकी नियुक्ति की घोषणा कर दी गई।

एपस्टीन से दोस्ती और सुरक्षा जांच में फेल होने का सच
मार्च में जारी हुई फाइलों की पहली खेप से खुलासा हुआ था कि मंत्रियों को पहले ही चेतावनी दी गई थी। मैंडेलसन की यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से दोस्ती सरकार के लिए प्रतिष्ठा का जोखिम बन सकती थी। बाद में यह भी सामने आया कि मैंडेलसन सुरक्षा जांच में फेल हो गए थे, फिर भी उन्हें राजदूत बना दिया गया। इस खुलासे के बाद स्टार्मर और वरिष्ठ सिविल सेवकों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
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सोमवार को जारी फाइलों से कुछ नई बातें सामने आई हैं, लेकिन मुख्य विवरण अभी भी गायब हैं। कुछ दस्तावेजों को राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर छिपाया गया है, जबकि कुछ को पुलिस जांच के कारण रोका गया है। मैंडेलसन अभी सरकारी पद पर रहते हुए कथित कदाचार के आरोपों में पुलिस जांच का सामना कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनके सुरक्षा जांच में फेल होने का कारण एपस्टीन नहीं थे, बल्कि रूस और चीन के साथ उनके व्यावसायिक संबंध थे। वह पहले भी धन और नैतिकता से जुड़े घोटालों के कारण दो बार लेबर सरकारों से इस्तीफा दे चुके हैं।

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स्टार्मर के नेतृत्व पर खुद मैंडेलसन ने उठाए सवाल
लीक हुए दस्तावेजों में मैंडेलसन और मंत्रियों के बीच व्हाट्सएप संदेश और ईमेल शामिल हैं। मई 2025 में मैंडेलसन ने कैबिनेट मंत्री पैट मैक्फैडन से व्हाट्सएप पर कहा था, 'कीर स्टार्मर में उत्साह की कमी है।' वहीं, पेंशन मंत्री टोरस्टेन बेल के साथ बातचीत में उन्होंने सरकार की नीतियों को बेहद खराब बताया था।

इसके अलावा, सितंबर 2025 में डोनाल्ड ट्रंप की ब्रिटेन यात्रा के लिए एक विशेष रेड डिस्पैच बॉक्स तैयार करने में देरी पर भी मैंडेलसन भड़क गए थे। उन्होंने स्टार्मर के तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को लिखा था, 'किसी में इतनी समझ नहीं थी कि कुछ कह सके। यह सरासर अक्षमता है।'
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जुलाई 2024 में शानदार जीत हासिल करने वाले स्टार्मर पर अब इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। मई में लेबर पार्टी को स्थानीय चुनावों में भारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने स्टार्मर को चुनौती देने के लिए इस्तीफा दे दिया। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम भी 18 जून के विशेष चुनाव में संसद सीट के लिए लड़ रहे हैं और उनके भी स्टार्मर के खिलाफ खड़े होने की उम्मीद है।
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