ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर
- फोटो : एक्स@Keir_Starmer
भारत यात्रा से लौटे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और फिनटेक के क्षेत्रों में ब्रिटेन के बड़े निवेश से भविष्य में हजारों नौकरियां पैदा होंगी। ब्रिटेन की कई कंपनियों ने एआई और फिनटेक क्षेत्रों में 3.6 अरब पाउंड के निवेश की पुष्टि की है।
स्टार्मर ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कई मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की थी। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के साथ कई कार्यक्रमों में भी शिरकत की थी। देर शाम वह लंदन के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने कहा कि भारत यात्रा ने ब्रिटेन को जुलाई में हुए व्यापक व्यापार और आर्थिक समझौते (सीईटीए) से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने में मदद की है। उन्होंने यह भी वादा किया कि वह भारत में ब्रिटिश व्यवसायों के लिए अधिक दरवाजे खोलेंगे। विशेष रूप से महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते के बाद, जो शुल्कों को घटाएगा और व्यापार को तेज, सस्ता और सुगम बनाएगा।
स्टार्मर ने अपनी भारत यात्रा के समापन पर एक बयान में कहा कि हमने भारत के साथ हुए व्यापार सौदे से उत्पन्न अवसरों का पूरा लाभ उठाया है। हमने ब्रिटेन में नए निवेश सुनिश्चित किए हैं और देशभर में 10,600 नई नौकरियां बनाई हैं, जो हमारे सबसे प्रमुख उद्योगों में हैं। हम भारत में ब्रिटिश व्यापार का झंडा लहराते हुए अपने साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।
10 डाउनिंग स्ट्रीट ने बताया कि सॉफ्टबैंक ग्रुप का हिस्सा ग्राफकोर बंगलूरू में एक नई एआई इंजीनियरिंग कैंपस में 1 अरब पाउंड तक का निवेश करेगा। इससे भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग में 500 उच्च-स्किल्ड नौकरियां बनेंगी। ब्रिटेन की फिनटेक कंपनी टाइड भारत में 2026 से पांच वर्षों में 500 मिलियन पाउंड का निवेश करेगी और अगले 12 महीनों में 800 पेशेवरों को जोड़कर अपने भारतीय कार्यबल को 2,300 तक बढ़ाएगी।
रेवोल्ट भारत में अगले पांच वर्षों में 500 मिलियन पाउंड खर्च करने की योजना बना रही है। वहीं ब्रिटेन स्थित पेमेंट्स ऑर्केस्ट्रेशन कंपनी पेसेक्योर ने कहा कि उसने भारत में शीर्ष भारतीय बैंकों और पेमेंट गेटवे के साथ एकीकरण के जरिये स्मूथ पेमेंट्स सक्षम कर ब्रिटिश व्यापारों के लिए 370 मिलियन पाउंड के निर्यात को पांच वर्षों में बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।