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UK: एपस्टीन विवाद में फंसी स्टार्मर सरकार, पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति पर चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा

Sun, 08 Feb 2026 08:18 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

ब्रिटेन में पीटर मैंडेलसन को राजदूत बनाए जाने पर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ ने इस्तीफा दे दिया। जानिए पूरा मामला...

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कीर स्टार्मर, ब्रिटिश पीएम - फोटो : X @@Keir_Starmer
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विस्तार
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह कदम पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किए जाने को लेकर उठे विवाद के बाद सामने आया है, जिसमें उनका नाम कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ा बताया गया है। इसी विवाद के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में शीर्ष स्तर पर यह बड़ा बदलाव हुआ।

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'पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति एक गलत निर्णय'
मैकस्वीनी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2024 में पीटर मैंडेलसन को देश के सबसे अहम कूटनीतिक पद पर नियुक्त करने की सलाह उन्होंने स्वयं प्रधानमंत्री को दी थी और अब वह उस फैसले की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति एक गलत निर्णय था। इससे हमारी पार्टी, देश और राजनीति में जनता का भरोसा प्रभावित हुआ। मैंने प्रधानमंत्री को यह सलाह दी थी और इसकी जिम्मेदारी मेरी है।

सूत्रों के मुताबिक, चीफ ऑफ स्टाफ ने इस नियुक्ति को लेकर आंतरिक असहमति जताई थी और माना जा रहा है कि नैतिक व राजनीतिक दबाव के चलते उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
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कई अहम पदों पर रह चुके पीटर मैंडेलसन
पीटर मैंडेलसन ब्रिटेन की राजनीति का एक जाना-पहचाना नाम रहे हैं और पहले भी कई अहम पदों पर रह चुके हैं। लेकिन एपस्टीन से कथित संबंधों को लेकर उनकी नियुक्ति ने विपक्ष और जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में अमेरिका में सार्वजनिक किए गए एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के बाद यह विवाद और गहरा गया। इन दस्तावेजों में संकेत मिले हैं कि 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के दौरान जब मैंडेलसन ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी थे, तब उन्होंने एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारी साझा की थी।

इस खुलासे के बाद प्रधानमंत्री स्टार्मर की निर्णय क्षमता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सरकार ने दावा किया है कि वह मैंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े ईमेल और अन्य दस्तावेज सार्वजनिक करेगी, जिससे यह साबित किया जा सके कि उन्होंने अधिकारियों को गुमराह किया था। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने इस सप्ताह सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उन्होंने मैंडेलसन की बातों पर भरोसा किया, लेकिन उस रिश्ते की गहराई का अंदाजा किसी को नहीं था। हालांकि विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं है। कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बेडेनॉक ने कहा कि स्टार्मर को अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद लेनी चाहिए और कुछ सांसदों ने उनके इस्तीफे की भी मांग कर दी है।

इस बीच, लंदन पुलिस ने शुक्रवार को पीटर मैंडेलसन के घर और उनसे जुड़े एक अन्य ठिकाने पर तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक मामला जटिल है और इसमें और गहन जांच की जरूरत है। यह जांच सार्वजनिक पद के दुरुपयोग से जुड़ी है, हालांकि मैंडेलसन पर किसी यौन अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है।
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पहले भी दो बार दे चुके इस्तीफा
गौरतलब है कि स्टार्मर पहले ही सितंबर में एपस्टीन से रिश्तों के पुराने खुलासों के बाद मैंडेलसन को राजदूत पद से हटा चुके हैं, लेकिन नए दस्तावेजों ने सरकार की साख पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। दस्तावेजों में यह भी दावा किया गया है कि 2003 और 2004 के बीच एपस्टीन ने मैंडेलसन या उनके पति रेनाल्डो एविला दा सिल्वा से जुड़े खातों में करीब 75,000 डॉलर का भुगतान किया था। एपस्टीन विवाद से अलग पीटर मैंडेलसन पहले भी पैसे और नैतिकता से जुड़े मामलों में दो बार वरिष्ठ सरकारी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।

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