ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस सप्ताह संसद में एक अहम वोट का सामना करने वाले हैं। इस मतदान के जरिए यह तय किया जाएगा कि क्या संसद में उनके पार्टीगेट बयानों को लेकर जांच की जानी चाहिए। मंगलवार को इसकी पुष्टि हुई।
यह वोटिंग गुरुवार को होगी जब जॉनसन संयोग से अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर होंगे। मतदान के दिन वह गुजरात के अहमदाबाद में कुछ कार्यक्रमों में शिरकत करने वाले हैं।
ब्रिटिश संसद 'हाउस ऑफ कॉमन्स' के स्पीकर सर लिंडसे होयल ने इस पर बहस होने के बाद कि क्या जॉनसन ने यह कह कर सांसदों को गुमराह किया कि कोई नियम नहीं तोड़ा गया था, विपक्षी सांसदों के अनुरोध के मतदान के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
ईस्टर के अवकाश के बाद मंगलवार को संसद के फिर से जुटने के दौरान होयल ने सांसदों से कहा कि मैं यह निश्चित नहीं कर सकता हूं कि प्रधानमंत्री ने अपराध किया है या नहीं, मैं यह तय कर सकता हूं कि मुद्दा जांच के लिए बहस योग्य है या नहीं।
उन्होंने आगे कहा कि लेबर नेता सर कीर स्टार्मर इस तरह की बहस के लिए प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। इस पर स्टार्मर ने कहा कि जॉनसन ने न केवल नियम तोड़े हैं, बल्कि उन्होंने इस बारे में देश की जनता और संसद से झूठ बोला है।
इस प्रस्ताव को अभी पेश किया जाना बाकी है लेकिन माना जा रहा है कि इसमें सांसद यह तय करने के लिए कह सकते हैं कि जॉनसन को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए या नहीं।
जॉनसन पर लॉकडाउन के दौरान कई पार्टियों में शामिल होने का आरोप
इससे पहले सोमवार को जॉनसन पर एक बार फिर आरोप लगा था कि उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान लागू लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन किया था और कई पार्टियों में शामिल हुए थे। जॉनसन पर पहले ही ऐसी एक पार्टी के आयोजन को लेकर जुर्माना लगाया जा चुका है।