सांसद प्रीत कौर गिल ने डॉ. वैष्णवी कुमार की आत्महत्या का अपने पत्र में जिक्र करते हुए लिखा कि इस मामले की गत माह जांच के दौरान पता चला कि उसे काम पर अपमानित किया जाता था तथा वह घर आकर रोती थी।
ब्रिटेन की पहली महिला सिख सांसद प्रीत कौर गिल ने भारतीय मूल की एक जूनियर डॉक्टर वैष्णवी कुमार की खुदकुशी और कर्मचारियों द्वारा उसे तंग करने की जांच कराने की मांग की है। गिल ने बर्मिंघम में नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) अस्पताल ट्रस्ट की स्वतंत्र जांच कराने के लिए ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखा है। इस अस्पताल को सरकार से वित्त पोषण प्राप्त है और डॉ. वैष्णवी (35) बर्मिंघम एजबैस्टन के इसी अस्पताल में काम करती थीं।
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सांसद प्रीत कौर गिल ने डॉ. वैष्णवी कुमार की आत्महत्या का अपने पत्र में जिक्र करते हुए लिखा कि इस मामले की गत माह जांच के दौरान पता चला कि उसे काम पर अपमानित किया जाता था तथा वह घर आकर रोती थी। विपक्षी लेबर पार्टी की वरिष्ठ सांसद गिल ने कहा कि कुमार के संपर्क में रहे कई कर्मियों ने बताया कि एनएचएस अस्पताल में ‘मुंह बंद रखो या काम छोड़ दो’ की संस्कृति है।
गिल ने इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है, ताकि लोग खुद आगे आकर सबूत देने में सुरक्षित महसूस करें। यूएचबी ब्रिटेन के बड़े एनएचएस ट्रस्ट में से एक है, जो इलाके में कई अस्पतालों का प्रबंधन करता है।