भारत और ब्रिटेन की रक्षा साझेदारी पहले से कहीं अधिक जरूरी और महत्वपूर्ण है। यह मानना है रक्षा मंत्री ग्रांट शाप्स का। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास पहले से अधिक संख्या में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुसंधान के लिए भी साझेदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। ब्रिटिश रक्षा मंत्री शाप्स ने कहा कि ब्रिटेन ने कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को 2025 में भारत भेजने का फैसला लिया है। इसके साथ ही कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा, रक्षा साझेदारी की अहमियत के कारण ही आज दो महान देशों के बीच ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन और भारत बिल्कुल नई दिशा में यात्राएं कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर के साथ-साथ कई अहम चीजों के आदान-प्रदान को लेकर सहमति बन चुकी है। दोनों प्राकृतिक भागीदार हैं।
ब्रिटेन दौरे पर गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक के बाद शाप्स ने कहा कि दोनों देशों के हित एक जैसे हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध यूरोप या दुनिया के किसी भी हिस्से में हो, सुरक्षा और मुक्त आवागमन दोनों देशों के लिए बेहद अहम है। दोनों देशों के साझा इतिहास का जिक्र करते हुए शाप्स ने कहा कि दोनों देशों को मिलकर बहुत कुछ करना चाहिए। इस द्विपक्षीय बैठक ने रिश्ते को नया आयाम दिया है।
खालिस्तान मुद्दे पर भारत के साथ चर्चा के सवाल पर शाप्स ने कहा कि उन्होंने इस पर व्यापक चर्चा नहीं की। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय कानूनी प्रक्रिया के तहत मिले, यह सुनिश्चित होना चाहिए। शाप्स के मुताबिक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ इसी साल वह दोबारा भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने बताया कि भारतीय समकक्ष के साथ उन्होंने भारत-ब्रिटेन रक्षा उद्योग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया। शाप्स ने दुनिया में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत जैसे प्रमुख साझेदारों के साथ ब्रिटेन के मजबूत रणनीतिक संबंध बेहद अहम हैं। स्वतंत्र और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र दोनों देशों की प्रतिबद्धता है।
खबरों के मुताबिक बीते 20 साल से अधिक समय में ब्रिटेन दौरा करने वाले राजनाथ सिंह पहले भारतीय रक्षा मंत्री हैं। इससे यूके और भारत के रणनीतिक संबंधों की बढ़ती अहमियत का संकेत मिलता है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक दोनों देशों के बीच अभूतपूर्व सहमति बन चुकी है।
बयान के मुताबिक भारत और ब्रिटेन के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के साथ-साथ प्रशिक्षकों के आदान-प्रदान पर भी सहमति बन गई है। साझेदारी 2030 भारत-यूके रोडमैप में निर्धारित रणनीतिक भागीदारी के मुताबिक मजबूत हो रही है। इसकी घोषणा 2021 में हुई थी। 2030 से पहले आने वाले कुछ वर्षों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच और जटिल और चुनौतीपूर्ण संयुक्त सैन्य अभ्यास होंगे।
ग्रांट शाप्स करीब सात महीने पहले सुनक की कैबिनेट में रक्षा मंत्री बने। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के रूप में शाप्स पीएम सुनक के प्रबल समर्थक माने जाते हैं। अपने पूरे राजनीतिक करियर में अहम कैबिनेट पदों पर सेवाएं दे चुके शाप्स इससे पहले, परिवहन, गृह, व्यवसाय और ऊर्जा विभाग संभाल चुके हैं।