भारत में पहली बार पहचाने गए दो कोरोना वायरस वेरिएंट के खिलाफ ब्रिटेन की वैक्सीन प्रभावी है, इसे लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लोगों को आश्वस्त किया है। बोरिस जॉनसन ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन को तेजी से विश्वास हो रहा है कि कोरोना वैक्सीन भारत में पहली बार पाए जाने वाले कोरोना वायरस के वेरिएंट के खिलाफ काम करते हैं। बोरिस जॉनसन ने कहा, 'एक प्रमुख महामारी वैज्ञानिक ने कहा है कि यह पहले की तुलना में कम तेजी से फैल सकता है।'
डब्ल्यूएचओ ने भारतीय वेरिएंट को बताया था चिंताजनक
इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के भारतीय स्वरूप (बी.1.617) को चिंताजनक बताया था। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 टेक्निकल टीम से जुड़ीं डॉ मारिया वैन केरखोव ने सोमवार को कहा था कि सबसे पहले भारत में सामने आए वायरस के स्वरूप बी.1.617 को पहले डब्ल्यूएचओ द्वारा निगरानी में रखा गया था। उन्होंने कहा, 'विभिन्न दलों द्वारा बातचीत की जा रही है। हम इस स्ट्रेन के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि हम जल्द इसमें कामयाबी पा लेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'कोविड-19 के भारतीय स्वरूप के बारे में उपलब्ध जानकारी और इसकी प्रसार क्षमता पर बातचीत करने के बाद हमने इसे वैश्विक स्तर पर चिंताजनक स्वरूप की श्रेणी में रखा है। यह वैरिएंट अब 44 देशों में मौजूद है।'