फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से जंग: 'भारतीय कोविड वेरिएंट' के खिलाफ वैक्सीन कर रहा काम, ब्रिटेन ने किया आश्वस्त

Thu, 20 May 2021 04:27 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

  • भारत में पाए गए कोरोना वायरस वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन प्रभावी
  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने लोगों को किया आश्वस्त
विज्ञापन
कोरोना टीकाकरण (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में पहली बार पहचाने गए दो कोरोना वायरस वेरिएंट के खिलाफ ब्रिटेन की वैक्सीन प्रभावी है, इसे लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने लोगों को आश्वस्त किया है। बोरिस जॉनसन ने बुधवार को कहा कि ब्रिटेन को तेजी से विश्वास हो रहा है कि कोरोना वैक्सीन भारत में पहली बार पाए जाने वाले कोरोना वायरस के वेरिएंट के खिलाफ काम करते हैं। बोरिस जॉनसन ने कहा, 'एक प्रमुख महामारी वैज्ञानिक ने कहा है कि यह पहले की तुलना में कम तेजी से फैल सकता है।'

विज्ञापन


जॉनसन ने चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय बी.1.617.2 वेरिएंट के सामने आने से 21 जून को इंग्लैंड के लॉकडाउन को पूरी तरह से हटाने की उनकी योजना पटरी से उतर सकती है, लेकिन बुधवार को उन्होंने कहा कि नवीनतम डाटा उत्साहजनक है। उन्होंने ब्रिटिश संसद को बताया कि 'हमें विश्वास है कि टीके भारतीय कोरोना वेरिएंट सहित सभी प्रकारों के खिलाफ प्रभावी हैं।'

इससे पहले जॉनसन ने पिछले हफ्ते कहा था कि भारतीय वेरिएंट देश को लॉकडाउन से बाहर निकलने की योजना को किस हद तक बाधित कर सकता है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि यह कितना अधिक संक्रामक था।
विज्ञापन


ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने एक मीडिया सम्मेलन में कहा कि भारतीय वेरिएंट से संक्रमण के 2,967 मामले सामने आए हैं। उन्होंने दोहराया कि सामाजिक प्रतिबंधों में ढील के अगले चरण पर निर्णय 14 जून तक नहीं होगा।

बता दें कि भारतीय कोरोना वेरिएंट को लेकर कोवाक्सिन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने रविवार को कहा था कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन कोवाक्सिन (Covaxin) को भारत और ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस स्ट्रेन के खिलाफ कारगर पाया गया है। मेडिकल जरनल क्लीनिकल इंफेक्शियस डिसीसिज में छपी पब्लिश का हवाला देते हुए, हैदराबाद में आधारित वैक्सीन की बड़ी कंपनी ने कहा कि कोवाक्सीन के टीकाकरण सभी सामने आ रहे नए वेरिएंट के खिलाफ काम करती है, जिसमें B.1.617 और B.1.1.7 शामिल हैं, जिन्हें सबसे पहले क्रमश: भारत और ब्रिटेन में पहचाना गया था।
 

डब्ल्यूएचओ ने भारतीय वेरिएंट को बताया था चिंताजनक 
इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के भारतीय स्वरूप (बी.1.617) को चिंताजनक बताया था। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 टेक्निकल टीम से जुड़ीं डॉ मारिया वैन केरखोव ने सोमवार को कहा था कि सबसे पहले भारत में सामने आए वायरस के स्वरूप बी.1.617 को पहले डब्ल्यूएचओ द्वारा निगरानी में रखा गया था। उन्होंने कहा, 'विभिन्न दलों द्वारा बातचीत की जा रही है। हम इस स्ट्रेन के बारे में और ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि हम जल्द इसमें कामयाबी पा लेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'कोविड-19 के भारतीय स्वरूप के बारे में उपलब्ध जानकारी और इसकी प्रसार क्षमता पर बातचीत करने के बाद हमने इसे वैश्विक स्तर पर चिंताजनक स्वरूप की श्रेणी में रखा है। यह वैरिएंट अब 44 देशों में मौजूद है।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें