ब्रिटेन ने रूस की कथित हर स्तर पर दुश्मनी से भरी और घिनौनी गतिविधियों के खिलाफ नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इन प्रतिबंधों के तहत 85 व्यक्तियों और संस्थाओं को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है।
ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय ने कहा कि नए प्रतिबंधों का उद्देश्य क्रेमलिन के कथित दुष्प्रचार और सूचना युद्ध अभियानों पर रोक लगाना है। ब्रिटेन का आरोप है कि रूस यूक्रेनी बच्चों के जबरन निर्वासन और सैन्यीकरण के साथ-साथ आर्मेनिया के आगामी चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है।
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ब्रिटेन चुप नहीं बैठेगा :विदेश मंत्री कूपर
इंग्लैंड की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने कहा कि ब्रिटेन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा विदेशों में झूठ और और क्रेमलिन समर्थक नैरेटिव फैलाने की कोशिशों को चुपचाप नहीं देखेगा। उन्होंने आगे कहा, "आज के प्रतिबंध इस बात को उजागर करने और बाधित करने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं कि रूस लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने और उसे कमजोर करने के लिए कितनी गहराई तक जाने को तैयार है। यूक्रेनी बच्चों के घिनौने निर्वासन और ब्रेनवॉशिंग के माध्यम से यूक्रेन के भविष्य को नष्ट करने के लिए।"
प्रतिबंध सूची में सोशल डिजाइन एजेंसी (एसडीए) से जुड़े 49 लोग शामिल हैं। इनमें लेखक, अनुवादक और वीडियो निर्माता शामिल बताए गए हैं, जिन पर क्रेमलिन समर्थित प्रचार अभियान चलाने का आरोप है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार, एसडीए को रूस के राष्ट्रपति प्रशासन द्वारा वित्त पोषित किया गया था और उसे लोकतंत्र कमजोर करने तथा यूक्रेन के समर्थन को घटाने के लिए अभियान चलाने का काम सौंपा गया था।
कई संगठनों-संस्थाओं पर लगाया प्रतिबंध
ब्रिटेन ने यह भी दावा किया कि एसडीए ने आर्मेनिया में रूस समर्थक संगठनों को स्थापित करने और वहां सत्ता परिवर्तन को प्रभावित करने की कोशिश की। इसके अलावा एएनओ डायलॉग नामक संस्था पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। ब्रिटेन का आरोप है कि यह संस्था रूसी खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभाव अभियान चलाती रही और आर्मेनिया की घरेलू राजनीति में हस्तक्षेप की योजनाओं में शामिल थी।
'वारियर सेंटर' के नाम से पहचाने जाने वाले सेंटर फॉर मिलिट्री स्पोर्ट्स ट्रेनिंग एंड पैट्रियोटिक एजुकेशन ऑफ यूथ पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इस संस्था पर आरोप है कि उसने यूक्रेनी बच्चों को सैन्य प्रशिक्षण और क्रेमलिन समर्थक विचारधारा से जोड़ने का काम किया।
युवा नीति मंत्री पर भी लगाया बैन
ब्रिटेन ने तथाकथित 'लुहांस्क पीपुल्स रिपब्लिक' की युवा नीति मंत्री यूलिया सर्गेयेवना वेलिचको को भी प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। उन पर यूक्रेनी बच्चों को रूस ले जाने, उन्हें रूसी पासपोर्ट जारी करने और रूसी विचारधारा से जोड़ने वाले कार्यक्रमों के संचालन में भूमिका निभाने का आरोप है।
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यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब ब्रिटेन के प्रतिबंध मंत्री स्टीफन डॉटी ब्रसेल्स में यूक्रेनी बच्चों की वापसी के लिए गठित अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। ब्रिटेन ने यूक्रेनी बच्चों की पहचान और खोज में मदद के लिए सत्यापन केंद्र और ट्रेसिंग मैकेनिज्म को 12 लाख पाउंड की अतिरिक्त सहायता देने की भी घोषणा की है। ब्रिटिश सरकार के अनुसार, रूस के युद्ध प्रयासों को कमजोर करने के लिए अब तक 3,300 से अधिक व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं।
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