ग्रुप कैप्टन प्रणव राज, कमांडिंग ऑफिसर, 7 स्क्वाड्रन (द बैटल एक्सिस) ने ब्रिटेन द्वारा आयोजित किए जा रहे 'कोबरा योद्धा' अभ्यास में भाग लेने के अपने अनुभव के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बढ़िया अनुभव है।
ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स के वाडिंगटन एयर बेस पर 'कोबरा वॉरियर' अभ्यास का मंगलवार को आयोजन किया गया। 'कोबरा वॉरियर' के अभ्यास निदेशक जेम्स कैलवर्ट ने बताया कि यह एक नियमित अभ्यास है जिसकी मेजबानी ब्रिटेन करता है। इस अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाले देशों को एक दूसरे के साथ और ब्रिटेन के साथ काम करने के लिए आमंत्रित करना है। मिराज 2000 के साथ यहां भारतीय वायुसेना का होना अद्भुत है।
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भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 ने ब्रिटेन के वाडिंगटन में पहली बार 'कोबरा वॉरियर' अभ्यास में भाग लिया। यह पूछे जाने पर कि क्या 'कोबरा वॉरियर' में इस्तेमाल किया गया विमान मिराज-2000 वही है जिसका बालाकोट ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया था। ग्रुप कैप्टन एम गंगोला ने कहा कि ये वही मशीनें हैं। वे आधुनिक युद्ध के लिए बहुत सक्षम विमान बने हुए हैं।
भारतीय वायुसेना ने पांच मिराज -2000 जेट्स, दो सी-17 ग्लोबमास्टर- III रणनीतिक एयरलिफ्ट विमान और एक आईएल-78 मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट के साथ 'कोबरा वॉरियर' अभ्यास में भाग ले रहा है। साथ ही लगभग 100 भारतीय वायुसेना के कर्मियों ने वाडिंगटन में अभ्यास के लिए जामनगर एयरबेस से उड़ान भरी थी।
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ग्रुप कैप्टन प्रणव राज, कमांडिंग ऑफिसर, 7 स्क्वाड्रन (द बैटल एक्सिस) ने ब्रिटेन द्वारा आयोजित किए जा रहे 'कोबरा योद्धा' अभ्यास में भाग लेने के अपने अनुभव के बारे में बताया। प्रणव राज ने कहा कि यह एक बहुत बढ़िया अनुभव है। भाग लेने वाले देशों के साथ उड़ान भरते समय हमने काफी कुछ सीखा है। हमने F-18s, F-16s के साथ उड़ान भरी और वायु संचालन के पूरे स्पेक्ट्रम को अंजाम दिया, जो आक्रामक और रक्षात्मक काउंटर एयर मिशन और अन्य के संदर्भ में शामिल है। यह वायुसेना और रखरखाव दल को अच्छा प्रदर्शन सिखाने वाला अभ्यास है।
भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने बताया कि यह अभ्यास 6 मार्च से 24 मार्च 2023 तक के लिए निर्धारित है। इस बहुपक्षीय वायु अभ्यास में विभिन्न लड़ाकू विमानों के साथ फिनलैंड, स्वीडन, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, सिंगापुर, ब्रिटेन और भारत की वायुसेना भाग ले रही हैं।