ब्रेग्जिट समझौते में ब्रिटेन इस प्रावधान पर राजी हुआ था कि ब्रेग्जिट के बाद भी उत्तरी आयरलैंड पर ईयू के कुछ नियम लागू रहेंगे। इसका मकसद उत्तरी आयरलैंड के आजादी समर्थक समूहों और ब्रिटिश सरकार के बीच अतीत में हुए गुड फ्राइडे समझौते की शर्तों का पालन करना बताया गया था।
ब्रिटेन की सुनक सरकार ने उत्तरी आयरलैंड के साथ व्यापार विवाद को हल करने के लिए यूरोपीय यूनियन के साथ समझौता किया है। इस समझौते को लेकर ब्रिटेन सरकार ने भी जानकारी दी है। ब्रिटेन की सरकार का कहना है कि वह उत्तरी आयरलैंड पर अपने लंबे समय से चल रहे व्यापार विवाद को हल करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ एक समझौते पर सहमति बनी है।
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गौरतलब है कि ब्रिटेन और यूरोपीय यूनियन के बीच इस समझौते को ब्रेक्सिट के बाद के रिश्तों में खटास लाने वाले और उत्तरी आयरलैंड में एक राजनीतिक संकट को जन्म देने वाले विवाद में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अब सुनक सरकार उत्तरी आयरलैंड की डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी इस क्षेत्र की सत्ता साझा करने वाली सरकार का बहिष्कार कर रही है। ये विरोधी दल व्यापार व्यवस्था में बदलाव चाहता है।
ब्रेग्जिट समझौते में ब्रिटेन इस प्रावधान पर राजी हुआ था कि ब्रेग्जिट के बाद भी उत्तरी आयरलैंड पर ईयू के कुछ नियम लागू रहेंगे। इसका मकसद उत्तरी आयरलैंड के आजादी समर्थक समूहों और ब्रिटिश सरकार के बीच अतीत में हुए गुड फ्राइडे समझौते की शर्तों का पालन करना बताया गया था। नए प्रावधान से एक अप्रैल के बाद उत्तरी आयरलैंड और ब्रिटेन के बीच खाद्य पदार्थों की आवाजाही पर कस्टम घोषणा संबंधी और कुछ अन्य रुकावटें आ जातीं। इसलिए ब्रिटेन ने अब इन नियमों पर अमल को टाल दिया था। उसने कहा है कि ये कदम इसलिए उठाया गया है ताकि दोनों स्थानों के कारोबारी इन नियमों को लेकर आश्वस्त और आदी हो जाएं।
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प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने किया एलान
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने उत्तरी आयरलैंड के साथ कायम ब्रेक्सिट व्यापार विवाद दूर करने के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ नया समझौता होने की सोमवार को घोषणा की। अंतिम दौर की इस वार्ता में सुनक के साथ यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लिएन भी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहीं। सुनक ने बैठक के बाद कहा कि हम इस दिशा में निर्णायक समझौता करने में सफल रहे हैं। हमने मिलकर मूल समझौते को बदल दिया है। यहां पर नए विंडसर समझौते की घोषणा कर रहे हैं।
क्या था विवाद?
यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने संबंधी ब्रेक्सिट समझौते के बाद उत्तरी आयरलैंड की व्यापारिक स्थिति को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए थे। उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल के तहत ब्रिटेन के हिस्से उत्तरी आयरलैंड और यूरोपीय संघ में शामिल आयरलैंड के बीच व्यापारिक रिश्तों को नया आयाम देने की कोशिश की गई थी। ये रिश्ते सहज नहीं हो पाने से विवाद बना हुआ था। हालांकि] नए समझौते पर आयरलैंड की संसद को अंतिम मुहर लगानी होगी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के समक्ष अगली चुनौती इस समझौते पर नॉदर्न आयरलैंड डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी का समर्थन हासिल करने की होगी।