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ब्रिटेन पर मंडरा रहा कोई बड़ा खतरा?: सरकार ने लोगों को दी चेतावनी, कहा- घर में तीन दिन का आपातकालीन सामान रखें

Fri, 23 Oct 2026 07:08 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

ब्रिटेन सरकार ने लोगों से घर में तीन दिन का पानी और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला भोजन रखने के लिए कहा है। रक्षा मंत्री ने कौन से खतरे को लेकर चेतावनी दी? क्या हर घर को आपातकालीन किट तैयार रखनी चाहिए? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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एंडी बर्नहैम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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ब्रिटेन सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने घरों में कम से कम तीन दिन का जरूरी सामान रखें। इसमें पीने का पानी और ऐसा भोजन शामिल है, जिसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके और पकाने की जरूरत न पड़े। सरकार ने यह सलाह ऐसे समय दी है, जब देश में इंटरनेट सेवाओं में आई तकनीकी गड़बड़ी, साइबर हमलों के बढ़ते खतरे और जंगलों में आग जैसी आपात स्थितियों को लेकर चिंता बढ़ी है। सरकार का कहना है कि संकट के समय लोगों को शुरुआती तीन दिनों तक अपनी जरूरतों का इंतजाम खुद करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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ब्रिटेन सरकार ने अपनी नई 'बी रेडी' मुहिम के तहत लोगों से घर में तीन दिन का आपातकालीन सामान रखने की अपील की है। इसमें बोतलबंद पानी और लंबे समय तक खराब न होने वाला भोजन रखने की सलाह दी गई है। सरकार के मुताबिक, इस हफ्ते इंटरनेट सेवाओं में आई तकनीकी गड़बड़ी ने दिखाया कि जरूरी सेवाएं अचानक प्रभावित हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को कुछ समय तक अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने में सक्षम होना चाहिए। सरकार चाहती है कि आपात स्थिति आने पर लोग केवल प्रशासन की मदद पर निर्भर न रहें और पहले से तैयारी करके रखें।

इंटरनेट में आई गड़बड़ी ने साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता क्यों बढ़ाई?
दुनिया भर की सरकारें और कंपनियां पीएचपी प्रोग्रामिंग भाषा पर चलने वाले अपने सिस्टम को सुरक्षित करने में जुटी हैं। बुधवार को इस भाषा से जुड़ी सुरक्षा खामियों का खुलासा हुआ था। इसके बाद कुछ सेवाएं बंद हो गईं और हैकिंग की लाखों कोशिशें सामने आईं। इस घटना को हाल के वर्षों की बड़ी साइबर सुरक्षा घटनाओं में से एक बताया गया है। PHP एक ऐसी प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसका इस्तेमाल वेबसाइटों और इंटरनेट से जुड़ी सेवाओं को चलाने में किया जाता है। इसमें मौजूद सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर हैकर सिस्टम में घुसने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से ब्रिटेन सरकार ने लोगों को आपातकालीन तैयारी का संदेश दिया है।
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ब्रिटेन में जंगलों की आग से निपटने के लिए क्या तैयारी हो रही है?
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने जंगलों में लगी आग से निपटने की तैयारियों पर एक बैठक की। उन्होंने कहा कि पहले देश आपात स्थितियों से निपटने के दौरान पीछे रह जाता था, इसलिए अब पहले से तैयारी करना जरूरी है। सरकार ने जंगलों में आग से निपटने के लिए नई योजना की घोषणा की है। इसके तहत सैन्य विमानों को भी तैनात किया जाएगा। ब्रिटेन में इस साल गर्मी, सूखे और जंगलों में आग की घटनाओं ने आपातकालीन तैयारी की जरूरत को और बढ़ा दिया है। सरकार का उद्देश्य आग जैसी घटनाओं के दौरान तेजी से कार्रवाई करना और नुकसान को कम करना है।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने साइबर हमलों को लेकर क्या चेतावनी दी?
रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते इस्तेमाल के कारण साइबर हमलों की घटनाएं ज्यादा आम हो सकती हैं। उनके मुताबिक, एआई की मदद से साइबर अपराधियों के लिए सुरक्षा प्रणालियों की कमजोरियां ढूंढना आसान हो सकता है। उन्होंने शत्रुतापूर्ण देशों, संगठित अपराधियों और जलवायु परिवर्तन से पैदा होने वाले खतरों का भी जिक्र किया। स्ट्रीटिंग ने कहा कि ब्रिटेन इस समय ऐसे खतरे के स्तर का सामना कर रहा है, जो उनके जीवनकाल के अधिकांश हिस्से में देखने को नहीं मिला। यह बयान उन्होंने बीबीसी के कार्यक्रम ‘क्वेश्चन टाइम’ में दिया।

क्या यूरोप के दूसरे देशों में भी ऐसी तैयारी की सलाह दी गई है?
ब्रिटेन की सलाह यूरोपीय आयोग की ओर से पहले दी गई सलाह जैसी है। यूरोपीय आयोग ने पिछले साल यूरोपीय संघ के नागरिकों से 72 घंटे तक काम आने वाली आपातकालीन किट तैयार रखने को कहा था। इसमें भोजन, पानी, नकदी और मोबाइल या दूसरे उपकरणों को चार्ज करने के लिए पावर बैंक जैसी जरूरी चीजें शामिल थीं। ब्रिटेन की नई मुहिम भी इसी सोच पर आधारित है कि साइबर हमले, तकनीकी गड़बड़ी, जंगलों की आग या दूसरी आपात स्थितियों में जरूरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में घर में जरूरी सामान रखने से लोगों को शुरुआती तीन दिनों तक स्थिति संभालने में मदद मिल सकती है।
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