ऋषि सुनक ने कहा कि मैं नहीं समझता हूं कि लोगों को इस तथ्य से कोई दिक्कत होगी कि एक भारतीय महिला डाउनिंग स्ट्रीट में रहती है। विपक्ष ने उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति पर भारी कर बचत करने का आरोप लगाया है।
यूनाइटेड किंगडम (यूके) के चांसलर ऋषि सुनक ने अपनी भारतीय मूल की पत्नी अक्षता मूर्ति की गैर स्थानीय कर दर्जे को लेकर विपक्ष के हमले के खिलाफ पलटवार किया है। सुनक ने कहा कि अक्षता भारत से प्यार करती हैं और अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए वह वहां जाएंगी।
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अक्षता मूर्ति प्रोद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस के सह संस्थापक नारायण मूर्ति और समाजसेवी सुधा मूर्ति की बेटी हैं। विपक्ष ने अक्षता की गैर स्थानीय कर दर्जे को लेकर उन्हें निशाने पर लिया था। इसका मतलब है कि वह कानूनी तौर पर विदेशों में अर्जित आय पर यूके में कर देने के लिए बाध्य नहीं हैं।
सुनक ने कहा कि अक्षिता के पास यह दर्जा हमारी मुलाकात होने से पहले और उनके इस देश में आने से पहले था। उन्होंने मुझसे विवाह किया है इसलिए उन्हें अपने देश से संबंध खत्म करने के लिए कहना उचित नहीं होगा। वह अपने देश से प्यार करती हैं, जिस तरह मैं अपने देश से करता हूं।
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अक्षता पर अपने गैर स्थानीय कर दर्जे का इस्तेमाल कर भारी कर बचत करने का आरोप है। लेकिन उनके प्रवक्ता ने कहा है कि अक्षता एक निवासी के रूप में ब्रिटेन के कर कानूनों का अनुपालन करती हैं। यह कर वर्गीकरण इसलिए है क्योंकि भारत दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता।
विपक्ष के आरोपों को लेकर सुनक ने कहा कि मैं नहीं समझता हूं कि लोगों को इस तथ्य से कोई दिक्कत होगी कि एक भारतीय महिला डाउनिंग स्ट्रीट में रहती है। मैं उम्मीद करता हूं कि निष्पक्ष सोच वाले अधिकतकर लोग मेरी इस बात को समझेंगे। उन्होंने अपने ससुर का बचाव भी किया।
ससुर नारायण मूर्ति का भी किया बचाव
सुनक ने दावा किया कि मेरे ससुर (नारायण मूर्ति) को बदनाम करने की कोशिश की गई है और मुझे उन पर बहुत गर्व है। उन्होंने मामूली शुरुआत करके एक विश्वस्तरीय कंपनी खड़ी की है जो दुनियाभर में लगभग ढाई करोड़ लोगों को रोजगार दे रही है और जिसने भारत की छवि बदल दी है।