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'खालसा एड' ने रमजान के महीने में जीते दिल, इराक के शरणार्थी शिविर में बांटी कुरान

Sun, 12 May 2019 08:13 PM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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शरणार्थी शिविर में कुरान भेंट करता खालसा एड का सदस्य - फोटो : ट्विटर
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अंतरराष्ट्रीय सिख एनजीओ (गैर सरकारी संस्थान) खालसा एड ( Khalsa Aid ) ने सद्बावना और सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए इराक के शरणार्थी शिविर में रहने वालों को पवित्र किताब कुरान का वितरण किया है। खालसा एड ने यह कदम मुसलमानों का पवित्र महीना रमजान मनाने के लिए उठाया। 

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यूनाइटेड किंगडम के इस समूह ने मोसुल में शिविक प्रबंधक को कुरान की पांच प्रतियां भेंट की। समूह के सदस्य शिविर में इफ्तार के लिए भोजन के पैकेट बांट रहे थे। जब शिविर के प्रबंधक ने उनसे पूछा कि क्या वह कुरान की व्यवस्था कर सकते हैं, खालसा एड ने उनकी यह ख्वाहिश भी पूरी की। 

कुरान के अलावा समूह ने नमाज पढ़ने के लिए चटाई भी उपलब्ध कराईं। समूह के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो भी शेयर किया गया है जिसमें समूह के सदस्य कुरान भेंट कर रहे हैं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा है, 'इस सप्ताह हमारे दल ने इराक में मोसुल के पास एक शिविर में वहां के प्रबंधक के आग्रह पर पवित्र किताब कुरान की पांच प्रतियां और नमाज पढ़ने के लिए चटाई पहुंचाईं। इसके साथ ही हमने रमजान के महीने में इफ्तार के लिए वहां खाने के पैकेट भी वितरित किए।'
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पहली भी पेश कर चुके हैं मानवता की मिसाल

यह पहली बार नहीं है जब खालसा एड ने अपने किसी कार्य से लोगों का दिल जीता हो। हाल ही में ओडिशा में आए फैनी चक्रवात से प्रभावित लोगों के लिए लंगर का आयोजन करवाया था और मुफ्त भोजन वितरित किया था। 

फरवरी में पुलवामा हमले के बाद जब देश के कई इलाकों से कश्मीरी छात्रों को प्रताड़ित किए जाने की खबरें आ रही थीं, खालसा एड कश्मीरी छात्रों की मदद के लिए आगे आया था। साल 2018 में जब केरल भीषण बाढ़ से जूझ रहा था, तब इस समूह के सदस्यों ने हजारों लोगों तक पानी और साफ खाना पहुंचाने के लिए बिना थके दिन-रात मेहनत की थी। 

खालसा एड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान तब मिली जह वह सीरिया में युद्ध पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए थे और पीड़ितों के लिए राहत सामग्री उपलब्ध कराई थी। समूह ने श्रीलंका में हुए धमाकों और न्यूजीलैंड धमाकों के पीड़ितों के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई थी। 
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