न्यायाधीश ग्रिफिथ्स ने कहा, मैं संतुष्ट हूं कि जरूरी मानकों के हिसाब से प्रत्यर्पण अनुरोध में प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
ब्रिटेन की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को गुजरात में एक हत्याकांड समेत कई आपराधिक मामलों में वांछित जयसुख रणपरिया के प्रत्यर्पण की अनुमति दे दी। फैसले पर हस्ताक्षर के लिए मामला गृह सचिव सुएला ब्रेवरमन को भेजा गया है। जिला न्यायाधीश सारा-जेन ग्रिफिथ्स ने लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपना फैसला सुनाया।
विज्ञापन
उन्होंने दो साल पहले के मामले को बेहद चुनौतीपूर्ण बताया। इस मामले में सुनवाई पिछले वर्ष दिसंबर में समाप्त हुई थी। न्यायाधीश ग्रिफिथ्स ने कहा, मैं संतुष्ट हूं कि जरूरी मानकों के हिसाब से प्रत्यर्पण अनुरोध में प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
भारत ने किया था अनुरोध
भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध के अनुसार, रणपरिया, जिसे जयेश पटेल के नाम से भी जाना जाता है। चार संबंधित साजिश में वांछित है और हत्या की हर साजिश जामनगर, गुजरात में भूखंडों की बिक्री से जुड़े व्यक्तियों से धन या संपत्ति उगाही के प्रयास से जुड़ी है। चारों मामलों में सुपारी देकर हत्या की जानी थी। जयेश के शिकारों में से एक की मृत्यु हो गई, जबकि तीन बच गए। जिस व्यक्ति की हत्या की गई थी वह एक वकील किरीट जोशी था।