केंद्रीय बजट का ब्रिटेन व यूएई के व्यापार और वित्तीय हलकों में व्यापक रूप से स्वागत किया गया है और इसे द्विपक्षीय साझेदारी और निवेश गंतव्य के रूप में भारत के आकर्षण के लिए "बेहद उत्साहजनक" बताया गया है। कारोबारियों ने इसे इन्फ्रास्ट्रक्चर खर्च पर ध्यान केंद्रित करने व विदेशी निवेशकों के लिए शानदार अवसर प्रदान करने वाला बताया है। ब्रिटेन के व्यापारियों का कहना है कि केंद्रीय बजट हरित विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
आईसीआईसीआई बैंक यूके पीएलसी के एमडी और सीईओ लोकनाथ मिश्रा ने कहा, बजट की पहचान निरंतरता, स्थिरता और वित्तीय रूप से जिम्मेदार विकास है। इस बजट से प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) और विदेशी निवेशकों के लिए भारत एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगा। लंदन में दक्षिण एशिया समूह के प्रमुख अनुज चंदे ने विशेष रूप से विदेशी निवेशकों के दृष्टिकोण से बजट को "बहुत उत्साहजनक" करार दिया।
उन्होंने कहा, विदेशी निवेशकों, विशेष रूप से ब्रिटेन के निवेशकों के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण में भाग लेने का एक बड़ा अवसर है। ब्रिटेन के पास सड़क निर्माण, रेलवे और हवाई अड्डों के क्षेत्र में कुछ शानदार विशेषज्ञता और प्रतिभा है, जो भारत को निर्धारित खर्च हासिल करने में मदद कर सकता है। चांडे ने कहा, वैसे भी भारत विश्व बैंक की डूइंग बिजनेस रैंकिंग में ऊपर की ओर बढ़ रहा है और इन सभी उपायों से उस रैंकिंग को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
भारत हरित क्रांति में देगा योगदान
गल्फ महाराष्ट्र बिजनेस फोरम ग्लोबल के अध्यक्ष डॉक्टर सुनील मांजरेकर ने कहा, कुल मिलाकर मोदी सरकार का यह बजट अच्छा नजर आ रहा है क्योंकि यह हरित अर्थव्यवस्था पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि ऑटो उद्योग पर जोर देने और पर्यावरण के अनुकूल इस पहल से भारत हरित क्रांति में योगदान देगा। मांजेरकर ने कहा, कपड़ा, खिलौने, साइकिल पर सीमा शुल्क 21 फीसदी से घटाकर 13 फीसदी किए जाने से बिक्री बढ़ेगी। अल माया ग्रुप के निदेशक कमल वाचानी ने बजट को "लोगों के अनुकूल" बताया। उन्होंने कहा, 7 लाख तक की आय के लिए कर छूट बढ़ा दी गई है, और अन्य कर छूट की अनुमति दी गई है।