युगांडा में पिछले 25 साल में किसी स्कूल पर हुआ ये सबसे बड़ा हमला है। जून 1998 में कांगो सीमा के पास किछवम्बा तकनीकी संस्थान पर एडीएफ के हमले में 80 छात्रों की जान छात्रावास में आगजनी के चलते गई थी।
युगांडा के कांगो सीमा के पास एक स्कूल में आईएस से जुड़े आतंकी गुट 'एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेस' (एडीएफ) ने हमला कर 38 छात्रों समेत 41 लोगों को मार डाला। उन्होंने स्कूली छात्रावास में आग लगा दी और जब छात्र भागे तो उन्हें गोली मारकर या काट कर मौत के घाट उतार दिया। छह लोगों को अगवा भी कर लिया गया है।
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सेना ने बताया कि अगवा लोगों के साथ आतंकी झरझरा सीमा पार कांगो में भाग गए। स्थानीय मेयर सेलेवेस्ट मापोज ने बताया कि प्रभावितों में छात्र, एक गार्ड और स्थानीय समुदाय के दो सदस्य शामिल हैं, जो स्कूल के बाहर मारे गए। सेना के मुताबिक, रात करीब 11.30 बजे इस घटना में करीब 5 हमलावर शामिल थे। घटना में आठ लोग घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
25 वर्षों में बड़ा हमला
युगांडा में पिछले 25 साल में किसी स्कूल पर हुआ ये सबसे बड़ा हमला है। जून 1998 में कांगो सीमा के पास किछवम्बा तकनीकी संस्थान पर एडीएफ के हमले में 80 छात्रों की जान छात्रावास में आगजनी के चलते गई थी।
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मुस्लिम उत्पीड़न के बाद बना गुट...
आरोप है कि मुस्लिमों का लंबे समय तक उत्पीड़न किया गया। इसके बाद कुछ युवाओं ने तत्कालीन राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी के खिलाफ हथियार उठा लिए। 2001 में युगांडा सेना से परास्त होने के बाद एडीएफ डीआरसी में उत्तरी किवु प्रांत में चला गया। एडीएफ विद्रोही पिछले दो दशकों से डीआरसी के अंदर से काम कर रहे हैं।