संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी के हवाई अड्डे के पास सोमवार को ड्रोन हमले के बाद कई विस्फोट हुए थे। इनमें दो भारतीयों व एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई थी और छह अन्य घायल हो गए। यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने अपनी राजधानी अबूधाबी में हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से एक बैठक करने का अनुरोध किया है। सोमवार को अबूधाबी एयरपोर्ट पर हुए इस आतंकी हमले में दो भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई थी। वहीं, छह अन्य लोग घायल हुए थे।
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मारे गए तीनों लोग अबू धाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी (एडीएनओसी) के कर्मचारी थे। भारतीय दूतावास ने मंगलवार को बताया था कि घायल हुए छह लोगों में भी दो भारतीय नागरिक शामिल हैं। दोनों को सोमवार की रात ही इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। दूतावास ने पीड़ित भारतीयों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
यूएई ने इस संबंध में मंगलवार को यूएनएससी के जनवरी के लिए अध्यक्ष नार्वे को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में इस आतंकवादी हमले को संबोधित करने के लिए एक बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया है। यूएई सरकार ने यूएनएससी से अनुरोध किया है कि इन आतंकवादी हमलों के खिलाफ वह एक सुर में आवाज उठाए और इनकी कड़ी निंदा करे।
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'हूती विद्रोहियों का कदम अस्थिरता को बढ़ाने वाला'
संयुक्त राष्ट्र के लिए यूएई की स्थाई प्रतिनिधि लाना नुसीबेह ने इस घटना को लेकर कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए किए गए हूती विद्रोहियों के इन हमलों की यूएई कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोहियों का यह कदम क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ाने वाला और अशांति को जन्म देने वाला है।