संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) 2024 में अपना पहला 'अरब मून मिशन' शुरू करने की तैयारी में है। इस मिशन के तहत यूएई चांद पर एक रोवर भेजने वाला है। इस रोवर का नाम दुबई के शेख मोहम्मद बिन रशीद अल मकतूम के नाम पर रखा जाएगा। दुबई के विकास के लिए उनकी दूर दृष्टि के लिए उन्हें सम्मानित करने हेतु दिवंगत शेख राशिद के नाम पर इस चंद्र रोवर का नाम 'राशिद' रखा जाएगा। यह यूएई का पहला चंद्र रोवर होगा।
तेल समृद्ध संयुक्त अरब अमीरात ने एक परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम बनाया है, इंसान को अंतरिक्ष में भेजा है, एक अंतरिक्ष यान भी भेजा जो इस समय मंगल ग्रह पर ट्रेकिंग कर रहा है। अब इसके बाद चंद्रमा पर एक चंद्र रोवर लॉन्च करके यह एक कुलीन क्लब में शामिल हो जाएगा।
सोवियत यूनियन चांद पर रोवर उतारने वाला पहला देश था, जिसने सबसे पहले वर्ष 1966 में Luna 9 रोवर चांद की सतह पर उतारा। उसके अलावा अभी तक सिर्फ चीन और अमेरिका ही चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग करा सके हैं। अगर यूएई चांद पर रोवर उतारने में सफल हो जाता है तो वह अमेरिका, सोवियत संघ और चीन के बाद चौथा ऐसा देश होगा।
यूएई के मार्स मिशन 'होप' को इस साल 20 जुलाई को जापान के एक रॉकेट पर प्रक्षेपित किया गया था। यूएई का यह चंद्र मिशन दो कैमरा या उच्च-रिजॉल्यूशन वाले ऑप्टिकल इमेजर्स सहित कई वैज्ञानिक उपकरण से लैस होगा। ये रोवर चांद की सतह, वहां मोबिलिटी और चांद के तत्वों के साथ दूसरी चीजें कैसे प्रभावित होती हैं, इसका अध्ययन करेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक यूएई के मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर (एमबीआरएससी) के अदनान अलरैस ने बताया कि 'इस मिशन के पीछे कई वैज्ञानिक उद्देश्य हैं जो हमें चंद्रमा को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे।' उन्होंने कहा कि 'इसके साथ ही यह भविष्य में मंगल पर इंसानों को भेजने और मंगल पर बस्तियों का निर्माण करने की हमारी योजनाओं में भी मददगार होगा।'
रिपोर्ट के अनुसार, अलरैस ने एजेंसी के मार्स 2117 कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जिसे 2017 में एक सदी के भीतर मंगल पर उतरने वाले मनुष्यों को लक्षित करने के लिए बनाया गया था। अपनी योजना के तहत, यूएई रेगिस्तान में एक 'मार्स साइंस सिटी' विकसित कर रहा है। इसके अलावा अन्य गतिविधियों के साथ, एनालॉग सुविधाओं पर रेड प्लैनेट मिशनों में अभ्यास कर रहा है।
इस बीच, देश का अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम दो नए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन कर रहा है। यूएई के पास वर्तमान में दो अंतरिक्ष यात्री हैं, जिनमें से एक ने 2019 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर एक सप्ताह बिताया था, और हाल ही में उन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण के लिए नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में भेज गया है।
देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम में यह सारी गतिविधियां चल रही हैं जबकि यूएई फरवरी में मंगल पर होप अंतरिक्ष यान के कक्षीय आगमन की तैयारी कर रहा है। दो दशक से कम पुराने एक अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए, नया-घोषित चंद्र मिशन पृथ्वी-अवलोकन उपग्रहों, मानव अंतरिक्ष यान और मंगल अन्वेषण के मौजूदा फोकस क्षेत्रों से परे एक मार्ग को चिह्नित करता है।