मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों को विशेष उपहार देने के लिए 100 से अधिक भारतीय स्कूली बच्चे पत्थर पर नक्काशीदार पेंटिंग बना रहे हैं। ये बच्चे पिछले तीन महीने से हर रविवार को मंदिर आते हैं और स्टोन सेवा यानी पत्थर पर पेंटिंग बनाते हैं।
पश्चिम एशिया में अरब की धरती पर सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार के स्वर सुनाई दिए। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी अबूधाबी में नवनिर्मित हिंदू मंदिर में विश्वशांति के लिए विराट वैदिक यज्ञ किया गया। बता दें कि बीएपीएस संस्था भगवान स्वामी नारायण (1781-1830) के भक्तों की संस्था है। इनके मंदिर स्वामी नारायण के स्मारक माने जाते हैं।
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मंगलवार से यूएई की दो दिन की यात्रा पर जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को बोचानववासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था यानी बीएपीएस के इस मंदिर का उद्घाटन करेंगे। अरब की धरती पर अपनी तरह का यह पहला यज्ञ था। इसमें दुनिया भर में शांति, सद्भाव भलाई और सफलता के लिए प्रार्थना की गई। इस यज्ञ में गणमान्य व्यक्तियों, आध्यात्मिक नेताओं समेत 980 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
उपहार तैयार कर रहे भारतीय स्कूली बच्चे
मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों को विशेष उपहार देने के लिए 100 से अधिक भारतीय स्कूली बच्चे पत्थर पर नक्काशीदार पेंटिंग बना रहे हैं। ये बच्चे पिछले तीन महीने से हर रविवार को मंदिर आते हैं और स्टोन सेवा यानी पत्थर पर पेंटिंग बनाते हैं।
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भारत से पहुंचे विद्वानों ने कराया अनुष्ठान
भारत से पहुंचे सात प्रकांड विद्वानों और पंडितों ने अनुष्ठानों को संपन्न कराया। बीएपीएस के महंतस्वामी महाराज के मार्गदर्शन में मंदिर परियोजना का नेतृत्व कर रहे स्वामी ब्रह्मविहारीदास ने बताया, इस प्रकार का यज्ञ भारत के बाहर शायद ही कभी होता है। यह अवसर मंदिर के वैश्विक एकता के संदेश को प्रतिध्वनित करता है।