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युद्ध का खतरा: रूस के हमले के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका का एलान- यूक्रेन से निकालेंगे अपने सैनिक

Sat, 12 Feb 2022 09:11 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

फिलहाल यह साफ नहीं है कि यूक्रेन में तैनात अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज की छोटी टुकड़ी को कहां तैनात किया जाएगा।
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अमेरिका ने अपने प्रशिक्षकों को यूक्रेन से निकालने का फैसलाा किया है। - फोटो : Social Media
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विस्तार
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यूक्रेन पर रूसी हमले के बढ़ती आशंका के बीच अमेरिका ने फैसला किया है कि वह यूक्रेनी सैनिकों को प्रशिक्षण दे रहे अपने सैन्य अधिकारियों को लौटने के लिए कहेगा। बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने दावा किया है कि फ्लोरिडा नेशनल गार्ड के 150 से ज्यादा जवान यूक्रेन से बाहर निकाले जाएंगे। 
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बाइडन प्रशासन के दो अधिकारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से यूक्रेन से कुछ राजनयिकों को निकालने के फैसले के बाद ही रक्षा मंत्रालय ने यह फैसला किया। हालांकि, अफसरों ने यह नहीं बताया कि यूक्रेन से निकाले जाने के बाद यह अफसर कहां तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा यह भी नहीं साफ है कि फिलहाल यूक्रेन में तैनात अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज की छोटी टुकड़ी कहां रहेगी। हालांकि, अधिकारी ने बताया कि बाइडन प्रशासन ने यह कदम काफी सतर्कता बरतते हुए उठाया है। 

चीन में बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक खेलों के दौरान यूक्रेन पर रूसी हमले की आशंकाओं के बीच अमेरिका ने कहा है कि रूस किसी भी वक्त यूक्रेन पर हमला कर सकता है। वह अपने यूक्रेनी दूतावास को खाली करने में भी जुट गया है। अमेरिका अपने नाटो सहयोगियों से प्रतिबद्धता जताते हुए 3,000 सैन्य बल पोलैंड में भेज रहा है। जबकि रूसी सैनिकों ने यूक्रेन सीमा को तीन तरफ से घेरते हुए युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है।
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अमेरिकी प्रतिनिधियों ने चिंता जताई है कि पुतिन कभी भी यूक्रेन पर हमले का आदेश दे सकते हैं। उपग्रह से मिली ताजा तस्वीरों से पता चला है कि रूस ने तीन तरफ से यूक्रेन सीमा को घेरते हुए वहां थलसेना, वायुसेना और नौसेना तैनात कर दी है। वह ओजोव सागर में नौसैन्य अभ्यास भी कर रहा है। उसने यूक्रेन के लिए अंतरराष्ट्रीय जल से जुड़े कनेक्शन काटते हुए सीमा पर 550 से ज्यादा टेंट भी लगाए हैं। अमेरिकी रक्षा मुख्यालय ‘पेंटागन’ इसके जवाब में पोलैंड में 3,000 सैन्य बल भेज रहा है जबकि उसके 1,700 सैनिक यहां पहले ही तैनात हैं। ये सैनिक न सिर्फ नाटो बलों को प्रशिक्षण देंगे बल्कि हमले भी रोकेंगे। लेकिन ये यूक्रेन से लड़ाई में शामिल नहीं होंगे।

अमेरिका रक्षात्मक तैयारियों में जुटा
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा दिए गए एक इंटरव्यू के बाद पेंटागन द्वारा 3,000 सैन्य बलों को पोलैंड भेजने की घोषणा से कुछ देर पहले अमेरिकी एनएसए जेक सुलिवन ने यूक्रेन में रहने वाले अमेरिकियों को फिर सचेत किया है कि वे जल्द से जल्द वहां से निकल जाएं। उधर, अमेरिकी विदेश मंत्रालय जल्द ही कीव स्थित दूतावास से अमेरिकी कर्मचारियों को रूसी हमले से पूर्व यूक्रेन छोड़ने की घोषणा करने वाला है। उन्हें पोलैंड से लगती सीमा पर स्थानांतरित किया जा सकता है। मंत्रालय ने कर्मचारियों के परिवारों को पहले ही देश छोड़ने का आदेश दे दिया है। 

रूस पर सख्त प्रतिबंध लगा सकते हैं पश्चिमी देश
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कॉल्त्ज और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रूस के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। कहा जा रहा है कि 24 घंटे में स्थिति समान्य नहीं होने पर पश्चिमी देश रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा सकते हैं। जबकि अमेरिका और ब्रिटेन के बाद नॉर्वे, जापान, लातविया और डेनमार्क ने भी अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की अपील की है।

इन देशों ने दी नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह
यूक्रेन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। रूस से सटी सीमा पर युद्ध जैसे हालात पनप रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि, रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला बोल सकता है, इसके बाद विश्व युद्ध जैसे हालात होने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इसके संकेत पहले ही दे चुके हैं। इस बीच न्यूजीलैंड ने भी अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। न्यूजीलैंड के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यूक्रेन में बसे उसके नागरिक तुरंत देश छोड़कर अपने मुल्क वापस चले आएं। 

अमेरिका और न्यूजीलैंड के अलावा इस सप्ताह की शुरुआत में, ऑस्ट्रेलिया, जापान, नीदरलैंड और दक्षिण कोरिया भी अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने की सलाह दे चुके हैं। दरअसल, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने दावा किया है कि रूस बीजिंग ओलंपिक के अंत से पहले ही अपने पड़ोसी देश पर हमला कर सकता है। हालांकि, रूस इन आरोपों का बार-बार खंडन कर रहा है। 
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