बिना योजना के गर्भधारण को सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है। निम्न और मध्य आय देशों में सात करोड़ से ज्यादा महिलाएं हर वर्ष इसका सामना करती हैं। इस वजह से ढाई करोड़ से ज्यादा महिलाएं असुरक्षित गर्भपात कराती हैं और 47 हजार से ज्यादा मातृत्व मौतें होती हैं।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के अनुसार गर्भावस्था और प्रसव के दौरान जटितताओं की वजह से किशोर लड़कियों (15-19 वर्ष) की बड़ी संख्या में मौत होती है। अक्सर इन युवा महिलाओ और लड़कियों को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी सूचनाएं और सेवाएं नहीं मिल पाती हैं।
इस चुनौती से निपटने के लिए कानूनी, नीतिगत, सामाजिक और सांस्कृतिक अवरोधों से पार पाने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
साथ ही प्रभावी गर्भनिरोधक सेवाओं को उन महिलाओं को मुहैया कराना भी अहम होगा जो चिंताओं के साथ रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा कुशल स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रभावी देखरेभ भी महत्वपूर्ण है।