इतालवी द्वीप लैंपेडुसा के पास दो जहाजों के डूबने से कम से कम दो प्रवासियों की मौत हो गई जबकि दर्जनों अन्य लापता हैं। विदेशी मीडिया ने यह जानकारी दी। इतालवी तटरक्षक ने रविवार को कहा कि जहाज के डूबने के बाद उसने दो शव निकाले हैं और 57 लोगों को बचाया है।
इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) के अनुसार, शनिवार को तूफानी मौसम की वजह से जहाज के डूबने के बाद एक नाव पर सवार बचे लोगों में से लगभग 28 लोगों के समुद्र में लापता होने की सूचना दी गई है, जबकि दूसरी नाव से तीन लोग लापता बताए गए हैं। माना जाता है कि दोनों लोहे की जर्जर नावें थीं, जो गुरुवार को ट्यूनीशिया के स्फैक्स से रवाना हुई थीं।
इतालवी समाचार एजेंसी एएनएसए ने बताया कि एक जहाज में 48 लोग सवार थे, जबकि दूसरे में 42 लोग थे। निकटवर्ती इतालवी द्वीप सिसिली के एग्रीजेंटो में जहाज के मलबे की जांच शुरू कर दी गई है। इतालवी गश्ती नौकाओं और एनजीओ समूहों द्वारा समुद्र में बचाए जाने के बाद पिछले कुछ दिनों में 2,000 से अधिक लोग लैंपेडुसा पहुंचे हैं, क्योंकि तेज हवाओं ने द्वीप के आसपास की स्थिति को और जटिल बना दिया है।
एग्रीजेंटो के पुलिस प्रमुख इमानुएल रिसिफारी ने कहा कि प्रवासियों और शरणार्थियों को समुद्र में ले जाने वाले मानव तस्करों को पता होगा कि समुद्र के तूफानी होने का पूर्वानुमान है। उन्होंने मीडिया से कहा, जिसने भी उन्हें इस समुद्र से जाने की अनुमति दी या उन्हें मजबूर किया वह बेशर्म और आपराधिक प्रवृति का मनुष्य होगा। उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों तक समुद्र में उथल-पुथल का पूर्वानुमान है। आशा करते हैं कि वे रुकेंगे। वह उन्हें इस समुद्र में मरने के लिए भेज रहा है।
खराब मौसम जारी रहने के कारण लैंपेडुसा के समुद्र तट के चट्टानी हिस्से में फंसे लगभग 20 लोगों को बचाने के लिए रविवार को फायर ब्रिगेड और अल्पाइन बचाव दल तैयार थे। वे शुक्रवार देर रात से वहां हैं, जब तेज झोंकों के कारण उनकी नाव चट्टानों के बीच फंसकर डूब गई।
रेड क्रॉस ने उन्हें भोजन, पेय पदार्थ, कपड़े और आपातकालीन थर्मल कंबल दिए हैं, लेकिन ऊंची लहरों के कारण तटरक्षक उन्हें समुद्र में बचाने में असमर्थ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर हवाएं कम नहीं हुईं, तो बचावकर्मी पीड़ितों को 140 मीटर ऊंची चट्टान से सुरक्षित निकालना शुरू कर सकते हैं।